सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और आर्थिक परेशानी के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार (पीएम राहत) योजना लागू की है। इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को हादसे की तारीख से अधिकतम सात दिन तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को तुरंत उपचार उपलब्ध कराकर जान बचाने की संभावना बढ़ाना है।
गोल्डन ऑवर में मिलेगा त्वरित इलाज
जिले में शहर, राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास और प्रमुख सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के बाद घायल को अधिकृत अस्पताल में भर्ती कर तुरंत उपचार शुरू किया जा सकेगा। शुरुआती इलाज के लिए न तो घायल और न ही उसके परिजनों को अग्रिम राशि जमा कराने की आवश्यकता होगी।
डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी प्रक्रिया
जिला कार्यक्रम समन्वयक (एमए योजना) डॉ. सुखविंद्र कड़ैला ने बताया कि पूरी प्रक्रिया डीएआर और टीएमएस 2.0 डिजिटल प्लेटफॉर्म से संचालित होगी। इससे भर्ती, उपचार और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
उन्होंने बताया कि 112 हेल्पलाइन के माध्यम से घायल को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी, जबकि पुलिस द्वारा 24 से 48 घंटे के भीतर दुर्घटना का सत्यापन किया जाएगा। इलाज का खर्च मोटर वाहन दुर्घटना कोष से वहन किया जाएगा।
पहले इलाज, बाद में दस्तावेजी प्रक्रिया
योजना के तहत यदि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल पहचान नहीं हो पाती है, तब भी अस्पताल उपलब्ध सीमित जानकारी के आधार पर पोर्टल पर मरीज का पंजीकरण कर इलाज शुरू कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से पहचान या दस्तावेजों के अभाव में भी गंभीर मरीज का उपचार नहीं रुकेगा। घायल को सात दिन तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक का उपचार पूरी तरह कैशलेस मिलेगा।
आमजन से सहयोग की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर में बिना आर्थिक बाधा के उपचार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों को योजना के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है। आमजन से अपील है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को बिना देरी निकटतम अधिकृत अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें।






