सीकर। राजस्थान सरकार के अनुसार प्रदेश में 1 करोड़ 2 लाख 9 हजार 900 वंचित पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से जोड़ा गया है। इनमें सीकर जिले के 3 लाख 53 हजार 518 पात्र व्यक्ति शामिल हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने इसे जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मंत्री के अनुसार राज्य में कुल करीब 4.37 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थी हैं और नए जुड़े लाभार्थियों की संख्या इसका लगभग 23 प्रतिशत है।
2024 और 2025 में बड़ी संख्या में जुड़े लाभार्थी
सुमित गोदारा ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 तक प्रदेश में 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया।
इसके बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा शुरू किए जाने के बाद 89 लाख 14 हजार 236 पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए में शामिल किया गया।
सीकर की आठ विधानसभा सीटों में इतने लाभार्थी जुड़े
जिला रसद अधिकारी कपिल झाझडिया के अनुसार सीकर जिले में कुल 3,53,518 वंचित पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार श्रीमाधोपुर में 45,976, दांतारामगढ़ में 44,343, लक्ष्मणगढ़ में 51,017, नीमकाथाना में 38,426, धोद में 29,363, फतेहपुर में 44,628, सीकर में 51,333 और खंडेला में 48,432 पात्र व्यक्तियों को योजना से जोड़ा गया है।
खाद्य सुरक्षा के साथ इन योजनाओं का भी लाभ
मंत्री के अनुसार एनएफएसए लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों को मिल रहा है।
इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शामिल है।
मानसून को देखते हुए लाभार्थियों को तीन महीने का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।
‘गिव अप अभियान’ से खाली हुई जगहों पर जुड़े पात्र परिवार
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि नवंबर 2024 में शुरू किए गए ‘गिव अप अभियान’ के तहत प्रदेश में करीब 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया। इनमें सीकर जिले के 2,98,436 लाभार्थी शामिल हैं।
वहीं करीब 27 लाख लोगों के नाम ई-केवाईसी नहीं होने के कारण खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए गए, जिनमें सीकर जिले के 1,03,051 लाभार्थी शामिल हैं। इनसे खाली हुए स्थानों पर नए पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया।
मंत्री के अनुसार इस पहल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा गया।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में कोई भी पात्र और जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।






