सीकर, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय पुरस्कार 2025-26 में राजस्थान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 191 विद्यालयों में राजस्थान के 11 विद्यालयों ने जगह बनाई है। इनमें सीकर जिले का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, उजीन सिंह का नाड़ा, बेरी भी शामिल है।
विद्यालय के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने विद्यालय परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
नवाचारों के दम पर मिली राष्ट्रीय पहचान
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राज कमल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर विद्यालय में संचालित विभिन्न नवाचारों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, किचन गार्डन और वर्मी कंपोस्टिंग जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इसके अलावा विभिन्न पौधों पर क्यूआर कोड आधारित जानकारी उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है।
स्वच्छता और जल संरक्षण पर विशेष फोकस
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय परिसर विकसित किया गया है। आयु-उपयुक्त वॉश बेसिन और यूरिनल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष प्रयोगशाला में पानी की जांच करवाई जाती है। साथ ही दो शिक्षकों को जल गुणवत्ता परीक्षण का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
बाल संसद और इको क्लब से बढ़ रही जागरूकता
विद्यालय में बाल संसद, इको क्लब और लाइफ मिशन के तहत विभिन्न गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित हो रही है।
विद्यालय में शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने दी बधाई
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने जल्द ही विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करने का भी आश्वासन दिया।
वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने भी विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।





