सीकर। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत खाटूश्यामजी शहर में 25.14 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन कार्यों को लेकर मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को खाटूश्यामजी नगरपालिका में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कंसल्टेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, अधिकारियों, प्रबुद्धजनों, मीडिया और अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव एवं फीडबैक लिया गया।
कार्यक्रम में पांचवें चरण में प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने सीवरेज, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को लेकर अपने सुझाव और जिज्ञासाएं रखीं।
सीवरेज और शोधित जल पर 22.70 करोड़ रुपये
आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में खाटूश्यामजी में एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन और शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों पर करीब 22.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
इसके अलावा बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के लिए 0.56 करोड़ रुपये, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन से जुड़े कार्यों के लिए 0.78 करोड़ रुपये और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 1.10 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
इस तरह परियोजना के तहत शहर की सीवरेज व्यवस्था, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन और अन्य शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स से लिए सुझाव
‘आरयूआईडीपी संवाद’ में नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी, पूर्व पार्षद, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, महिलाएं और आमजन शामिल हुए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आरयूआईडीपी और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। साथ ही परियोजना के दौरान आमजन को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए पहले से प्रभावी योजना बनाने की आवश्यकता बताई गई।
नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी ने सीवरेज परियोजना को खाटूश्यामजी के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने नगर निकाय और शहरवासियों की ओर से परियोजना में सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से परियोजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और इसे सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य का आश्वासन
आरयूआईडीपी के अधिशाषी अभियंता मनोज कुमार धवल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पांचवें चरण में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को परियोजना के नियोजन और क्रियान्वयन में आवश्यकतानुसार शामिल किया जाएगा।
कार्यशाला के दौरान आरयूआईडीपी की ओर से एक वृतचित्र भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें विभाग द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी गई। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर और अन्य प्रस्तावित कार्यों से जुड़े सवाल पूछे, जिनकी अधिकारियों ने जानकारी दी।






