पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में शनिवार को ‘रोजगार, उद्यमिता एवं कौशल विकास’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, ग्रामवासियों एवं महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल, स्वरोजगार, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। सेमिनार का आयोजन पीडीयूएस फाउंडेशन एवं पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
स्वरोजगार के लिए मुफ्त प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी
पीडीयूएस फाउंडेशन के निदेशक डॉ. आर.सी. मीणा ने बताया कि आरसेटी के निदेशक अशोक कालेर और सचिव ललित लाखीवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, बैंक ऋण, स्टार्टअप, व्यवसाय प्रबंधन और सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वरिष्ठ संकाय सदस्य चांदनी ने बदलते रोजगार परिदृश्य और उद्यमिता के नए अवसरों पर प्रकाश डाला।
कुलगुरु बोले— डिग्री के साथ कौशल भी जरूरी
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक कौशल, नवाचार की सोच और उद्यमिता का दृष्टिकोण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत है और विश्वविद्यालय भविष्य में भी रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहेगा।
प्रतिभागियों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए समाधान
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. आर.सी. मीणा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अधिक से अधिक लोगों से कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेणु महलावत ने किया, जबकि राजश्री कुमावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सेमिनार के अंत में प्रतिभागियों ने स्वरोजगार, बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।






