सीकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में शुक्रवार को नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. (डॉ.) युद्धवीर सिंह ने पदभार ग्रहण किया।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े द्वारा राज्य सरकार के परामर्श से प्रो. सिंह की नियुक्ति की गई है। नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, इनमें से जो पहले हो, प्रभावी रहेगी।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रो. सिंह का स्वागत किया। प्रो. सिंह का संबंध महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के कम्प्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग से रहा है।
शैक्षणिक गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार पर जोर
कुलगुरु प्रो. युद्धवीर सिंह ने विश्वविद्यालय में अपनी प्राथमिकताओं को लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षा के स्तर को और सुदृढ़ करने की बात कही। साथ ही शोध कार्यों और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया।
उन्होंने टीम भावना और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजेंद्र सिंह, वित्त नियंत्रक महेश कुमार शर्मा, उपकुलसचिव रामसिंह सरावग, सहायक कुलसचिव डॉ. रामचरण मीणा और कन्हैया लाल जांगिड़ सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पहले दिन मनाया पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अवतरण दिवस
कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलगुरु प्रो. युद्धवीर सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अवतरण दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और दर्शन को याद करते हुए प्रो. सिंह ने कहा, “पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचार आज के दौर में भी पूर्णतः प्रासंगिक हैं।”
उन्होंने कहा कि उनका चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
अकादमिक भवन में हुआ मुख्य कार्यक्रम
विश्वविद्यालय के अकादमिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में डॉ. बी.एस. राठौड़ और डॉ. आर.एस. चुंडावत ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व, सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पर विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।






