सीकर। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत हथोरा में देखने को मिला, जहां 25 वर्ष पुराने मृत्यु प्रमाण-पत्र में दर्ज त्रुटि का समाधान कर एक परिवार को बड़ी राहत मिली।
मृत्यु प्रमाण-पत्र में नाम की गलती बनी थी परेशानी
ग्राम पंचायत हथोरा में आयोजित शिविर में नन्द लाल गुर्जर पुत्र अमरचन्द ने आवेदन देकर बताया कि उनके परिवार से जुड़े एक मृत्यु प्रमाण-पत्र में नाम संबंधी त्रुटि है।
इस गलती के कारण उनकी भूमि का नामांतरण (Mutation) लंबे समय से अटका हुआ था और राजस्व संबंधी कार्य पूरे नहीं हो पा रहे थे।
शिविर में तुरंत लिया गया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी ने आवेदन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयोजना विभाग (सांख्यिकी विभाग) के सहयोग से रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत हथोरा को आवश्यक जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
दस्तावेजों की जांच के बाद हुआ संशोधन
अधिकारियों ने उपलब्ध रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया।
जांच पूरी होने के बाद मृत्यु प्रमाण-पत्र में दर्ज नाम संबंधी त्रुटि को सुधारते हुए संशोधित मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।
जमीन नामांतरण का रास्ता हुआ साफ
संशोधित प्रमाण-पत्र मिलने के बाद लंबे समय से लंबित भूमि नामांतरण प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हो गया।
इस समाधान से प्रार्थी और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
प्रार्थी ने जताया आभार
समस्या के त्वरित समाधान से संतुष्ट नन्द लाल गुर्जर ने शिविर प्रभारी, सांख्यिकी विभाग तथा संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हुआ है, जिससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
ग्रामीण सेवा शिविरों से मिल रही राहत
राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण-पत्र, नामांतरण और अन्य जनसेवा से जुड़े मामलों का मौके पर निस्तारण किया जा रहा है।
ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को सीधे आमजन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।





