सीकर। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) ताराचंद बंजारा ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल युवकों की मदद कर गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) की मिसाल पेश की।
पलसाना के निकट सड़क दुर्घटना में घायल हुए दो युवकों को उन्होंने अपनी गाड़ी से तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध करवाया।
सड़क हादसे में घायल हुए थे दो युवक
जानकारी के अनुसार पलसाना के पास बाइक सवार दो युवक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिवहन अधिकारी ताराचंद बंजारा मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर पलसाना ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
समय पर इलाज मिलने से मिली राहत
घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
स्थानीय लोगों ने भी जिला परिवहन अधिकारी के इस मानवीय कार्य की सराहना की।
हर नागरिक का सामाजिक दायित्व: बंजारा
इस अवसर पर ताराचंद बंजारा ने कहा कि—
“सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है। कई बार कुछ मिनटों की मदद किसी की जान बचा सकती है।”
उन्होंने आमजन से भी दुर्घटनाओं के दौरान घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
क्या है गुड सेमेरिटन योजना?
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि गुड सेमेरिटन योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिक को राज्य सरकार की ओर से प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाता है।
मददगार से नहीं होती अनावश्यक पूछताछ
उन्होंने बताया कि सरकार ने यह व्यवस्था की है कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी या अनावश्यक पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ता।
इसका उद्देश्य लोगों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है।
लोगों से की मदद के लिए आगे आने की अपील
ताराचंद बंजारा ने कहा कि सड़क हादसों में समय पर सहायता मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने नागरिकों से मानवता के नाते आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने और गुड सेमेरिटन की भूमिका निभाने का आह्वान किया।





