सीकर, नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता की पालना को लेकर सख्ती शुरू कर दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह प्रतिबंध सरकारी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी निकायों और अर्द्धसरकारी संस्थाओं की परिसंपत्तियों पर लागू होगा।
किन सरकारी संपत्तियों पर रोक?
राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों या अन्य व्यक्तियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए इनका उपयोग नहीं किया जा सकेगा:
- सरकारी भवन और स्थान
- सरकारी वाहन
- खंभे
- सरकारी विभागों एवं संस्थाओं की अन्य परिसंपत्तियां
- विश्रामगृह और डाक बंगले
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी या अर्द्धसरकारी संस्थाओं की संपत्ति का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकारी अधिकारी-कर्मचारी राजनीतिक गतिविधियों से रहें दूर
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी विभागों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लें।
अधीनस्थ कर्मचारियों से भी आदर्श आचार संहिता की कड़ाई से पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
होर्डिंग, पोस्टर और बैनर पर भी निगरानी
चुनाव प्रचार के दौरान होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर और नारे लिखने या लगाने के संबंध में भी आयोग के नियमों का पालन करना होगा।
इसके अलावा चुनावी सभाओं और जुलूसों के आयोजन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की भी सख्ती से पालना करनी होगी।
सरकारी वाहन और विश्रामगृह के इस्तेमाल पर भी रोक
चुनाव प्रचार या राजनीतिक गतिविधियों के लिए सरकारी वाहनों, विश्रामगृहों और डाक बंगलों के इस्तेमाल पर भी आयोग के नियम लागू होंगे।
सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाने और चुनावी सभा या जुलूस आयोजित करने के दौरान संबंधित अनुमति एवं निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
संबंधित नियंत्रण अधिकारी होंगे जिम्मेदार
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी, अर्द्धसरकारी विभाग, निगम या स्वायत्तशासी संस्था के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाली संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल होता है, तो संबंधित संस्था के नियंत्रण अधिकारी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी चुनावी आचार संहिता के नियमों की जानकारी दें और उसकी कड़ाई से पालना सुनिश्चित करवाएं।
प्रशासन का उद्देश्य चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना और निष्पक्ष चुनावी माहौल बनाए रखना है।






