सीकर। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान निर्वाचन कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए जारी अवकाश प्रतिबंध आदेश को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा, जो 19 अगस्त 2026 को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अवकाश पर जा रहे हैं।
19 अगस्त से पहले स्वीकृत छुट्टियां रहेंगी मान्य
प्रशासन के अनुसार 19 अगस्त से पहले स्वीकृत अवकाश इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे।
इसका मतलब है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले जिन अधिकारियों और कर्मचारियों का अवकाश विधिवत स्वीकृत हो चुका था, उन्हें केवल चुनावी अवकाश प्रतिबंध के आधार पर निरस्त नहीं किया जाएगा।
बाल देखभाल और मातृत्व अवकाश पर भी स्थिति साफ
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद कुछ विभागों की ओर से पहले से स्वीकृत बाल देखभाल अवकाश, चिकित्सा अवकाश और मातृत्व अवकाश को निरस्त कर अनुमति के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय भेजा जा रहा था।
इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
चुनावी काम प्रभावित न हो, इसलिए लागू है प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवकाश प्रतिबंध का उद्देश्य निर्वाचन कार्य के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
19 अगस्त को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद स्वीकृत होने वाले अवकाशों पर निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेगा, ताकि चुनावी ड्यूटी और अन्य निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियां प्रभावित न हों।
विभागों को निर्देशों की पालना के आदेश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों से निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही पहले से स्वीकृत अवकाशों को लेकर अनावश्यक रूप से कर्मचारियों को परेशान न करने की स्थिति भी स्पष्ट कर दी गई है।
इस स्पष्टीकरण से चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के बीच पहले से स्वीकृत अवकाश को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है।






