सीकर। आगामी वर्षा ऋतु में संभावित अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर (रसद) आशीष मोदी ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों के तहत जिले में आवश्यक वस्तुओं का आरक्षित स्टॉक रखना अनिवार्य किया गया है।
यह व्यवस्था आपदा की स्थिति में आमजन को आवश्यक खाद्यान्न और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
उचित मूल्य दुकानों और पेट्रोल पंपों को दिए गए निर्देश
आदेश के अनुसार जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों को 10 क्विंटल गेहूं का आरक्षित स्टॉक रखना होगा।
वहीं जिले के सभी पेट्रोल पंपों को हर समय 2,000 लीटर डीजल और 500 लीटर पेट्रोल (डेड स्टॉक के अतिरिक्त) आरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में ईंधन की कमी न हो।
गैस एजेंसियों को भी रखना होगा अतिरिक्त स्टॉक
जिला प्रशासन ने सभी एलपीजी गैस एजेंसियों को भी आवश्यक स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत शहरी क्षेत्रों की गैस एजेंसियों को 30 भरे हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत गैस वितरकों को 10 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर आरक्षित रखने होंगे।
आवश्यकता पड़ने पर ही होगा उपयोग
जिला कलेक्टर (रसद) ने स्पष्ट किया कि आरक्षित स्टॉक का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर जिला रसद अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर अथवा संबंधित तहसीलदार के निर्देशानुसार ही किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह आदेश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।






