सीकर। मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत जिला कारागृह, सीकर में कैदियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव प्रबंधन के उपाय बताने तथा सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में डॉ. रामचंद्र लांबा, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP), सीकर, सुषमा सैनी, जेलर, जिला कारागृह सीकर और विनोद कुमार, साइकियाट्रिक केयर नर्स ने अपने विचार रखे।
‘मन दर्पण-2’ के तहत दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ‘मन दर्पण-2’ के तहत मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। इनमें गेटकीपर, तनाव प्रबंधन, I Support My Friend और युवा मन प्रमुख रहे।
डॉ. रामचंद्र लांबा ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तनाव और भावनात्मक समस्याओं की पहचान तथा समय पर सहायता लेने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
जेल में सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर
जेलर सुषमा सैनी ने कैदियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा जेल में सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
साइकियाट्रिक केयर नर्स विनोद कुमार ने तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि अपनी भावनाओं को साझा करना, दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनना और जरूरत पड़ने पर सहायता लेना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक है।
गेटकीपर और ‘I Support My Friend’ पर चर्चा
कार्यक्रम में गेटकीपर के माध्यम से मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराने के बारे में बताया गया।
वहीं ‘I Support My Friend’ के तहत आपसी सहयोग और संवेदनशीलता बढ़ाने तथा ‘युवा मन’ के माध्यम से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन के महत्व पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, तनाव से निपटने के लिए सकारात्मक उपाय अपनाने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।






