सीकर, नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर करीब एक महीने पहले मिले पांच वर्षीय मासूम को आखिरकार उसका परिवार मिल गया। 15 जुलाई 2026 को जीआरपी को रेलवे स्टेशन पर बच्चा संदिग्ध अवस्था में मिला था। उस समय उसके साथ कोई अभिभावक मौजूद नहीं था। इसके बाद बच्चे को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत बाल कल्याण समिति, सीकर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसकी सुरक्षा और देखभाल के लिए उसे राजकीय शिशु गृह, सीकर में सुरक्षित रखा गया।

बच्चे के परिवार की पहचान होने के बाद बाल कल्याण समिति और संबंधित विभागों की टीम ने आवश्यक दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन किया। इसके बाद टीम बच्चे को लेकर जयपुर पहुंची और उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।

एक महीने तक परिवार की तलाश

बच्चे के समिति के समक्ष पहुंचने के बाद से ही उसके माता-पिता और परिवार की पहचान कर उसे सुरक्षित रूप से परिवार तक पहुंचाने के प्रयास शुरू कर दिए गए थे। करीब एक महीने तक बाल कल्याण समिति, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी के अधीक्षक और संस्था के कर्मचारियों ने लगातार प्रयास किए।

मासूम से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध दस्तावेजों और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वय के आधार पर परिवार की तलाश जारी रखी गई।

जयपुर में मिला परिवार का सुराग

लगातार प्रयासों के बाद सहायक निदेशक डॉ. गार्गी शर्मा एवं बाल कल्याण समिति को जानकारी मिली कि बच्चे के माता-पिता जयपुर के वीकेआई क्षेत्र, 17 नंबर के निवासी हैं।

हालांकि, परिवार की जानकारी मिलने के बाद भी समिति ने केवल मौखिक सूचना के आधार पर बच्चे को सौंपने के बजाय पहचान और जरूरी दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन किया।

टीम बच्चे को लेकर पहुंची जयपुर

बच्चे को सुरक्षित तरीके से परिवार तक पहुंचाने के लिए बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान और राजकीय शिशु गृह का स्टाफ स्वयं बच्चे को लेकर जयपुर पहुंचा।

जयपुर में बच्चे के पिता की पहचान की गई और उपलब्ध दस्तावेजों सहित अन्य आवश्यक तथ्यों का सत्यापन किया गया। पहचान और जांच की प्रक्रिया संतोषजनक पाए जाने के बाद बच्चे को विधिवत उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

पिता की गोद में पहुंचते ही छलके खुशी की आंसू

करीब एक महीने से बच्चे से दूर माता-पिता के लिए अपने मासूम को वापस पाना भावुक पल रहा। बच्चे के सामने आते ही परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर पिता ने बाल कल्याण समिति और पूरी टीम का आभार जताया।

इनकी रही अहम भूमिका

पूरी प्रक्रिया में सहायक निदेशक डॉ. गार्गी शर्मा एवं अधीक्षक रुक्मणी गढ़वाल के निर्देशन में बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान, राजकीय शिशु गृह प्रबंधक नरेश गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता देवीलाल तथा चाइल्डलाइन केस वर्कर मनीष गुर्जर ने सक्रिय भूमिका निभाई।

लगातार फॉलोअप, बच्चे से मिली जानकारी और परिवार की पहचान के लिए किए गए प्रयासों के बाद करीब एक महीने से परिवार से दूर रह रहा मासूम आखिरकार अपने पिता की गोद में सुरक्षित पहुंच गया।

Best JEE Coaching Jhunjhunu City

The most trusted source for latest news, breaking news and detailed analysis of Jhunjhunu, Sikar and Churu district. We bring news directly to you from Jhunjhunu, Nawalgarh, Mandawa, Chirawa, Udaipurwati,...