सीकर, ग्रामीण परिवेश से निकलकर अपने सपनों को नई उड़ान देने वाली ग्राम बाराल, ग्राम पंचायत बाल, पंचायत समिति पिपराली निवासी माया कुमारी आज राजीविका के माध्यम से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
माया कुमारी वर्ष 2022 में राजीविका से जुड़ीं। इसके बाद उनके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आने लगे। उन्हें नई जानकारियां हासिल करने के साथ काम करने और आगे बढ़ने के विभिन्न अवसर मिले।
एआरपी और लखपती दीदी के रूप में कर रहीं काम
माया कुमारी वर्तमान में पिछले दो वर्षों से एआरपी/कर्ता संदर्भ व्यक्ति के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही वे लखपती दीदी के रूप में भी काम कर रही हैं।
राजीविका से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार और आय के अवसरों के साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिला। उनका कहना है कि जिन अवसरों के बारे में उन्होंने पहले केवल सुना था, आज उन्हें अपने जीवन में अनुभव करने का मौका मिल रहा है।
कभी सपना था हवाई सफर, अब दो बार कर चुकीं यात्रा
माया कुमारी के लिए सबसे यादगार उपलब्धियों में हवाई जहाज से यात्रा करना शामिल है। राजीविका से जुड़ने के बाद उन्हें हवाई यात्रा का अवसर मिला और वे अब तक दो बार हवाई जहाज में सफर कर चुकी हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिला के लिए हवाई जहाज में बैठना कभी सपने जैसा था, लेकिन राजीविका के माध्यम से मिले अवसरों ने उनके इस सपने को साकार करने में मदद की।
माया कुमारी बताती हैं कि राजीविका ने उन्हें आगे बढ़ने, लोगों के साथ काम करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर दिया है। वे अपने कार्य को मेहनत और जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं।
बोलीं- मेहनत और अवसर से पूरे हो सकते हैं सपने
माया कुमारी का कहना है, “कल तक हवाई जहाज मेरे लिए सिर्फ एक सपना था, आज मैं उसमें दो बार यात्रा कर चुकी हूं। यह मेरे आत्मविश्वास और राजीविका की ताकत है।”
उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए यह संदेश देती है कि अवसर, मेहनत, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के साथ वे भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
राजीविका से जुड़ना माया कुमारी के जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ रहा। इसके माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने सपनों को उड़ान देने का हौसला मिला।






