सीकर, जिला कलेक्टर आशीष मोदी के निर्देशानुसार मंगलवार को जिले के स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सघन औचक निरीक्षण किया गया।
इसके लिए जिला एवं उपखंड स्तर के कुल 92 अधिकारियों की टीमें गठित की गईं। अधिकारियों ने संबंधित ग्राम पंचायतों के दो-दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
भोजन और दूध की व्यवस्था जांची
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जा रहे मध्याह्न भोजन, खाद्यान्न और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत दिए जा रहे दूध की व्यवस्थाओं की जांच की गई।
अधिकारियों ने स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और मात्रा, खाद्यान्न की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था तथा भोजन वितरण की प्रक्रिया को देखा।
इसके अलावा विद्यार्थियों को निर्धारित मात्रा में दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की गई।
कमी मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में संचालित योजनाओं की व्यवस्थाओं का मौके पर बारीकी से परीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन प्राथमिकता
कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन और दूध उपलब्ध करवाना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जांच करने और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य स्तर पर भेजी जाएगी निरीक्षण रिपोर्ट
जिले में हुए इन औचक निरीक्षणों की समेकित रिपोर्ट तैयार कर राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग को भिजवाई जाएगी।
इस कार्रवाई के जरिए स्कूलों में मिड-डे-मील और दूध वितरण व्यवस्था के साथ खाद्यान्न की उपलब्धता एवं भंडारण की स्थिति की भी निगरानी की गई।






