24 फर्जी श्रम दिवसों पर 5,400 रुपये का भुगतान, दोषी मेट की आईडी ब्लॉक
सीकर, पंचायत समिति धोद की ग्राम पंचायत सामी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्य में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
जिला परिषद सीकर के लेकपाल हरिराम के अनुसार पत्रावली में उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई।
24 श्रम दिवसों की फर्जी हाजिरी, 5,400 रुपये का भुगतान
जांच में सामने आया कि जनवरी 2026 के द्वितीय पखवाड़े में संबंधित मनरेगा कार्य पर श्रमिकों की NMMS ऐप पर केवल पहली फोटो अपलोड की गई।
दूसरी फोटो अपलोड नहीं की गई। इसके बावजूद 24 श्रम दिवसों की एवजी उपस्थिति दर्ज कर दी गई।
इस आधार पर 5,400.48 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।
ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक पर कार्रवाई
जांच में ग्राम विकास अधिकारी कुलदीप सिंह और कनिष्ठ सहायक पूरणमल ढाका को मस्टर रोल का उचित निरीक्षण और जांच नहीं करने का दोषी माना गया।
दोनों पर 1,000-1,000 रुपये की शास्ति लगाई गई है।
इसके अलावा दोनों से 2,700.24-2,700.24 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
इस तरह प्रत्येक से कुल 3,700.24 रुपये राजकोष में जमा कराए जाएंगे।
मेट की नियुक्ति में भी नियमों की अनदेखी
जांच में मेट की नियुक्ति के दौरान योजना के दिशा-निर्देशों और GKN-2025 की अवहेलना सामने आई।
नियम विरुद्ध किए गए 2,700 रुपये के भुगतान की वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
यह राशि विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी रश्मि मीणा तथा लेखा सहायक रणजीत सिंह से 1,350-1,350 रुपये के अनुपात में वसूली जाएगी।
दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-17 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है।
वहीं दोषी मेट भवानी सिंह की आईडी तत्काल ब्लॉक करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
मस्टर रोल की जांच को लेकर सख्ती
सहायक लेखाधिकारी और कनिष्ठ तकनीकी सहायक को भविष्य में मस्टर रोल की नियमानुसार जांच, भुगतान, पर्यवेक्षण और निरीक्षण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन ने मनरेगा कार्यों में डिजिटल उपस्थिति और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी को लेकर भी जिम्मेदारी तय की है।
20 दिन में देनी होगी अनुपालना रिपोर्ट
विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत समिति धोद को कार्रवाई की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्हें 20 दिनों के भीतर प्रमाण सहित अनुपालना रिपोर्ट जिला परिषद को उपलब्ध करानी होगी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि मनरेगा में फर्जी उपस्थिति और नियम विरुद्ध भुगतान के मामलों में जिम्मेदारी तय कर वसूली और विभागीय कार्रवाई की जा रही है।






