सीकर। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मीडिया के माध्यम से चुनावी लाभ लेने के लिए प्रकाशित या प्रसारित कराई जाने वाली पेड न्यूज पर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है।
कमेटी संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों की जांच करेगी और निर्वाचन नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगी।
जिला कलेक्टर होंगे कमेटी के अध्यक्ष
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि गठित कमेटी के अध्यक्ष वे स्वयं होंगे।
कमेटी में भू प्रबंधक अधिकारी सह राजस्व अपीलीय प्राधिकारी, सीकर को सदस्य तथा सहायक निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, सीकर को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
अखबारों और अन्य माध्यमों की होगी मॉनिटरिंग
जिले में गठित मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं और अन्य मीडिया माध्यमों में प्रकाशित एवं प्रसारित समाचारों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रकाशित और प्रसारित सामग्री की क्लिपिंग भी संधारित की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी।
संदिग्ध पेड न्यूज मिलने पर क्या होगा?
किसी समाचार को प्रथम दृष्टया संदिग्ध पेड न्यूज पाए जाने पर मामला जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के सामने रखा जाएगा।
कमेटी की जांच में यदि उसे पेड न्यूज माना जाता है, तो संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा।
प्रत्याशी को 48 घंटे में देना होगा जवाब
नोटिस की तामील होने के बाद अभ्यर्थी को 48 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज को स्वीकार कर लेता है या निर्धारित समय में जवाब नहीं देता है, तो नियमानुसार संबंधित राशि को निर्वाचन व्यय खाते में जोड़ा जाएगा।
चुनावी प्रचार पर भी रहेगी नजर
मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का उद्देश्य चुनाव के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी वातावरण बनाए रखना है। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के मीडिया प्रचार पर निगरानी के साथ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों और मामलों पर भी प्रशासन नजर रखेगा।






