नगर निकाय आम चुनाव-2026 में सीकर जिले की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कई निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों ने भी महत्वपूर्ण संख्या में सीटें जीती हैं।

1. सीकर नगर परिषद

कुल वार्ड: 65

  • भाजपा: 22
  • कांग्रेस: 38
  • अन्य: 5

सीकर नगर परिषद में कांग्रेस ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। कांग्रेस को 38 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा 22 सीटों पर रही।

2. फतेहपुर नगर परिषद

कुल वार्ड: 55

  • भाजपा: 13
  • कांग्रेस: 21
  • अन्य: 21

फतेहपुर में कांग्रेस और अन्य प्रत्याशियों ने 21-21 सीटें जीतीं। भाजपा को 13 वार्डों में जीत मिली।

3. लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका

कुल वार्ड: 45

  • भाजपा: 15
  • कांग्रेस: 20
  • अन्य: 10

लक्ष्मणगढ़ में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे आगे रही। भाजपा को 15 और अन्य को 10 सीटें मिलीं।

4. खंडेला नगर पालिका

कुल वार्ड: 40

  • भाजपा: 13
  • कांग्रेस: 18
  • अन्य: 9

खंडेला में कांग्रेस ने 18 वार्डों में जीत दर्ज की। भाजपा के खाते में 13 और अन्य के खाते में 9 सीटें आईं।

5. नीम का थाना नगर पालिका

कुल वार्ड: 40

  • भाजपा: 17
  • कांग्रेस: 20
  • अन्य: 3

नीम का थाना में कांग्रेस ने 20 सीटों के साथ बढ़त बनाई। भाजपा 17 सीटों पर रही।

6. रींगस नगर पालिका

कुल वार्ड: 35

  • भाजपा: 11
  • कांग्रेस: 5
  • अन्य: 19

रींगस में अन्य प्रत्याशियों का दबदबा रहा। अन्य ने 19 वार्ड जीते, जबकि भाजपा को 11 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं।

7. श्रीमाधोपुर नगर पालिका

कुल वार्ड: 35

  • भाजपा: 19
  • कांग्रेस: 9
  • अन्य: 7

श्रीमाधोपुर में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस 9 और अन्य 7 सीटों पर रहे।

8. अजीतगढ़ नगर पालिका

कुल वार्ड: 25

  • भाजपा: 8
  • कांग्रेस: 9
  • अन्य: 8

अजीतगढ़ में कांग्रेस को 9 सीटों के साथ मामूली बढ़त मिली। भाजपा और अन्य प्रत्याशियों ने 8-8 वार्ड जीते।

9. दांता नगर पालिका

कुल वार्ड: 25

  • भाजपा: 8
  • कांग्रेस: 11
  • अन्य: 6

दांता में कांग्रेस 11 सीटों के साथ सबसे आगे रही। भाजपा को 8 और अन्य को 6 सीटें मिलीं।

10. खाटूश्यामजी नगर पालिका

कुल वार्ड: 20

  • भाजपा: 8
  • कांग्रेस: 8
  • RLP: 1
  • निर्दलीय: 3

खाटूश्यामजी में इस बार मुकाबला बेहद कांटे का रहा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 8-8 वार्डों में जीत दर्ज की।

यानी किसी भी बड़े दल को अपने दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। अब RLP की 1 और निर्दलीयों की 3 सीटें बोर्ड गठन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं।

कुल 4 सीटें भाजपा-कांग्रेस से बाहर रहने के कारण खाटूश्यामजी में बोर्ड गठन का गणित इन्हीं पार्षदों के रुख पर निर्भर कर सकता है।

11. पलसाना नगर पालिका

कुल वार्ड: 20

  • भाजपा: 14
  • कांग्रेस: 2
  • अन्य: 4

पलसाना में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को 2 और अन्य को 4 सीटें मिलीं।

12. लोसल नगर पालिका

कुल वार्ड: 35

  • भाजपा: 9
  • कांग्रेस: 16
  • अन्य: 10

लोसल में कांग्रेस 16 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा को 9 और अन्य को 10 वार्डों में जीत मिली।

13. रामगढ़ शेखावाटी नगर पालिका

कुल वार्ड: 35

  • भाजपा: 10
  • कांग्रेस: 18
  • अन्य: 7

रामगढ़ शेखावाटी में कांग्रेस ने 18 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई। भाजपा को 10 और अन्य को 7 सीटें मिलीं।

14. धोद नगर पालिका

कुल वार्ड: 20

  • भाजपा: 10
  • कांग्रेस: 8
  • अन्य: 2

धोद में भाजपा ने बढ़त बनाई। भाजपा को 10, कांग्रेस को 8 और अन्य प्रत्याशियों को 2 सीटें मिलीं।

सीकर जिले में कांग्रेस सबसे आगे

सभी 14 नगर निकायों के उपलब्ध आंकड़ों को जोड़ने पर जिले में कुल 495 वार्ड बनते हैं।

पार्टीवार तस्वीर इस प्रकार है:

दल/श्रेणीकुल सीटें
कांग्रेस203
भाजपा177
अन्य115
कुल495

यहां अन्य में RLP, निर्दलीय और दिए गए स्रोत में अलग से वर्गीकृत अन्य प्रत्याशी शामिल हैं।

कहां किसका दबदबा?

सीकर जिले में कांग्रेस ने कुल सीटों के लिहाज से भाजपा पर बढ़त बनाई है। सीकर, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, खंडेला, नीम का थाना, अजीतगढ़, दांता, लोसल और रामगढ़ शेखावाटी में कांग्रेस भाजपा से आगे रही।

वहीं श्रीमाधोपुर, पलसाना और धोद में भाजपा ने कांग्रेस से अधिक सीटें जीतीं।

रींगस में अन्य प्रत्याशियों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा, जबकि खाटूश्यामजी में भाजपा और कांग्रेस बराबरी पर रहीं।

खाटूश्यामजी में 4 सीटें बनेंगी गेमचेंजर

खाटूश्यामजी का चुनाव परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला है। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास 8-8 सीटें हैं।

RLP की 1 सीट और निर्दलीयों की 3 सीटें मिलाकर कुल 4 पार्षद ऐसे हैं, जो दोनों बड़े दलों से अलग हैं।

इसलिए बोर्ड गठन के दौरान इन चार पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। किसे समर्थन मिलेगा, इसी से खाटूश्यामजी के बोर्ड की तस्वीर साफ होगी।

कई निकायों में बोर्ड गठन पर नजर

चुनाव परिणामों के बाद अब सभी की नजर बोर्ड गठन के समीकरणों पर है। जहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय और अन्य दलों के विजेता पार्षद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फतेहपुर में कांग्रेस और अन्य के बीच 21-21 सीटों की स्थिति, अजीतगढ़ में 9-8-8 का मुकाबला और खाटूश्यामजी में 8-8-1-3 का समीकरण खासा दिलचस्प है।

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