सीकर, नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने आदर्श आचार संहिता की कड़ाई से पालना के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान बड़े कटआउट, पोस्टर, बैनर और वाहनों के काफिले को लेकर नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
आयोग की आदर्श आचार संहिता हैंडबुक आमजन के लिए आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
तीन से ज्यादा वाहनों का कारवां नहीं चलेगा
निर्वाचन अवधि में किसी नेता या अभ्यर्थी के साथ सुरक्षा कर्मियों के वाहनों को छोड़कर तीन से अधिक वाहन कारवां के रूप में सड़कों पर नहीं चल सकेंगे।
इसका उद्देश्य चुनाव प्रचार के दौरान यातायात और कानून व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकना है।
नामांकन के दौरान बड़े जुलूस पर भी रोक
विशेष रूप से नामांकन दाखिल करने, नामांकन पत्रों की संवीक्षा और निर्वाचन प्रतीक आवंटन के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
इन प्रक्रियाओं के दौरान अभ्यर्थी के साथ बड़ा जुलूस या वाहनों का लंबा काफिला रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय तक नहीं जा सकेगा।
प्रवेश द्वार और तोरण पर भी कटआउट नहीं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी, राजनीतिक दल या उनके समर्थक प्रवेश द्वार अथवा तोरण के रूप में कटआउट नहीं लगा सकेंगे।
चुनाव प्रचार में बड़े कटआउट और अत्यधिक प्रचार सामग्री के इस्तेमाल को लेकर भी आयोग के निर्देशों की पालना करनी होगी।
दीवारों पर नारे और पोस्टर लगाने पर नियम लागू
सार्वजनिक एवं निजी दीवारों पर नारे लिखने, पोस्टर लगाने और प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने के मामले में स्थानीय कानूनों की सख्ती से पालना करनी होगी।
प्रचार सामग्री लगाने से पहले संबंधित नियमों और अनुमतियों का पालन करना जरूरी होगा।
आमजन और यातायात की सुविधा का रखना होगा ध्यान
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
साथ ही आमजन की आवाजाही और सुविधा प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लंघन रोकने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी
जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने पुलिस अधीक्षक सीकर, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), रिटर्निंग अधिकारियों, सहायक रिटर्निंग अधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने को कहा है।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, कानून व्यवस्था, आचार संहिता एवं प्रचार-प्रसार से जुड़े प्रभारी अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा नगर परिषद सीकर, नगर पालिकाओं, नगर विकास न्यास और निर्वाचन व्यय लेखा से जुड़े अधिकारियों को भी नियमों की पालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनाव प्रचार के खर्च और भीड़ पर निगरानी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पिछले चुनावों और उपचुनावों में अत्यधिक चुनावी खर्च, बड़े कटआउट और वाहनों के काफिले के कारण आचार संहिता के उल्लंघन के मामले सामने आए थे।
इसी को देखते हुए नगरीय निकाय चुनाव 2026 में आयोग के निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जा रही है।
चुनाव प्रचार में नियम तोड़ने पर संबंधित व्यक्ति या दल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।






