सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चिकित्सा विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

आयुष्मान योजना के रिजेक्ट क्लेम दोबारा भेजने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की समीक्षा की गई।

एडीएम रतन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मरीजों के क्लेम तकनीकी या अन्य कारणों से रिजेक्ट हुए हैं, उन्हें दोबारा प्रक्रिया में शामिल कर री-ओपन किया जाए ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

बरसात से पहले अस्पतालों की सुरक्षा जांच जरूरी

मानसून को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में:

  • भवनों का निरीक्षण
  • फायर सेफ्टी ऑडिट
  • विद्युत सुरक्षा जांच
  • छतों की सफाई

करवाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन नहीं किया जाए और दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

एनसीडी रैंकिंग में सीकर प्रदेश में प्रथम

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि एनसीडी (Non-Communicable Diseases) रैंकिंग में सीकर जिला पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान पर रहा है।

उन्होंने इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए नियमित स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।

डायरिया और मौसमी बीमारियों पर विशेष फोकस

बरसात के मौसम में संभावित बीमारियों को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:

  • पेयजल के सैंपल नियमित जांच के लिए भेजे जाएं।
  • डायरिया और उल्टी-दस्त की रोकथाम पर विशेष निगरानी रखी जाए।
  • गांवों और शहरी क्षेत्रों में एंटी लार्वा गतिविधियां बढ़ाई जाएं।

लाडो योजना और टीकाकरण अभियान की समीक्षा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने लाडो योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही अस्पतालों में:

  • सीसीटीवी कैमरे लगाने
  • आभा आईडी के उपयोग को बढ़ावा देने
  • 108 एंबुलेंस की नियमित जांच
  • 181 शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण

पर जोर दिया गया।

एचपीवी और बच्चों के टीकाकरण पर जोर

डॉ. विशाल सिंह ने एएनसी पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, संपूर्ण टीकाकरण, एमआर वैक्सीन और एचपीवी टीकाकरण अभियान की ब्लॉकवार समीक्षा की।

कम प्रदर्शन वाले ब्लॉकों को लक्ष्य के अनुसार प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

टीबी मुक्त भारत अभियान की भी हुई समीक्षा

बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संभावित टीबी रोगियों की पहचान, एक्स-रे जांच और निक्षय पोषण योजना के तहत लाभ वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

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