सीकर की सुमन कंवर: स्वयं सहायता समूह से क्लस्टर मैनेजर तक का सफर
सीकर, सीकर जिले के पिपराली ब्लॉक की सुमन कंवर ने राजीविका से जुड़कर आत्मविश्वास और नेतृत्व की नई पहचान बनाई है। स्वयं सहायता समूह की एक सामान्य सदस्य के रूप में शुरू हुई उनकी यात्रा अब क्लस्टर मैनेजर की जिम्मेदारी निभाने तक पहुंच गई है।
सुमन कंवर ने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आगे बढ़ने के कई अवसर मिले। बैठकों में नियमित सहभागिता और समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका ने उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और विकसित करने में मदद की।
जिम्मेदारियों ने विकसित की नेतृत्व क्षमता
सुमन कंवर के अनुसार, समूह की जिम्मेदारियों का लगातार निर्वहन करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे संगठनात्मक कार्यों को समझना शुरू किया। विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के साथ उनके भीतर नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती गई।
समूह की बैठकों में भाग लेने और जिम्मेदारियां संभालने के अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने आगे की भूमिकाओं के लिए खुद को तैयार किया।
अब क्लस्टर मैनेजर के रूप में संभाल रहीं जिम्मेदारी
आज सुमन कंवर क्लस्टर मैनेजर के रूप में स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं को संगठित करने में भूमिका निभा रही हैं।
वह समूहों की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने के कार्य में भी योगदान दे रही हैं।
सुमन कंवर का कहना है कि राजीविका ने उन्हें केवल एक मंच नहीं दिया, बल्कि आगे बढ़ने और अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का आत्मविश्वास भी दिया।
महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी सुमन कंवर की कहानी
सुमन कंवर की यात्रा यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं अपनी क्षमताओं को विकसित कर सकती हैं और धीरे-धीरे नेतृत्व की जिम्मेदारियों तक पहुंच सकती हैं।






