सीकर में 50 साल पुराना भूमि बंटवारा निस्तारित
सीकर, ग्राम मोल्यासी के काश्तकार गिरधारी लाल, नेमीचंद एवं मूलचंद पुत्रगण मोहन, जाति कुम्हार, के स्वामित्व वाली खसरा संख्या 25, 323 और 407 की कुल 6.14 हेक्टेयर कृषि भूमि का पारिवारिक बंटवारा पिछले 50 वर्षों से लंबित था।
बंटवारा नहीं होने के कारण तीनों किसान भाइयों को कृषि से संबंधित राजकीय योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
जन सेवा अभियान में पहुंची समस्या
लंबे समय से लंबित इस प्रकरण के समाधान के लिए तीनों काश्तकार अपनी समस्या लेकर नेतड़वास गिरदावर सर्किल पर आयोजित विकसित भारत जन सेवा अभियान 2026 के शिविर में पहुंचे।
उन्होंने शिविर में मौजूद भू-अभिलेख निरीक्षक नेतड़वास रणधीर जी को अपनी समस्या से अवगत कराया। भू-अभिलेख निरीक्षक ने प्रकरण की गंभीरता और वर्षों से लंबित समस्या को देखते हुए संबंधित दस्तावेज तत्काल तहसीलदार भरतदान चारण के समक्ष प्रस्तुत किए।
मौके पर हुआ प्रकरण का निस्तारण
तहसीलदार भरतदान चारण ने प्रकरण का अवलोकन करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की। इसके बाद वर्षों से लंबित पारिवारिक भूमि बंटवारा प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
इससे तीनों काश्तकारों को उनकी-अपनी भूमि का स्पष्ट अधिकार प्राप्त हुआ।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में होगी सुविधा
बंटवारा होने के बाद तीनों किसान अब अपनी भूमि से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर कृषि एवं अन्य पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
इस तरह विकसित भारत जन सेवा अभियान 2026 ग्राम मोल्यासी के तीनों काश्तकारों के लिए पांच दशक से लंबित भूमि विवाद के निस्तारण और राहत का माध्यम बना।






