सीकर में लंबित ऋण आवेदनों का जल्द होगा निस्तारण, कलेक्टर ने दिए निर्देश
सीकर। सरकारी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बैंकों को लंबित ऋण आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं जिला स्तरीय परामर्श समिति की बैठक हुई।
बैठक में विभिन्न बैंकों, विभागीय अधिकारियों और स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
30 दिन से पुराने आवेदनों की सूची बनेगी
जिला कलेक्टर ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि 30 दिनों से अधिक समय से लंबित ऋण आवेदनों की बैंकवार सूची तैयार कर एलडीएम कार्यालय को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और अन्य पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बैंक समय पर सीड मनी और ऋण उपलब्ध कराएं।
आरसेटी आवेदनों के लिए रोज लगेंगे बैंकवार शिविर
बैठक में आरसेटी से जुड़े लंबित ऋण आवेदनों को लेकर भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने एलडीएम कार्यालय में बैंकवार प्रतिदिन शिविर लगाकर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
साथ ही आरसेटी प्रशिक्षण के आवेदनों के अनुमोदन के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए।
इन लाभार्थियों ने साझा किए सफलता के अनुभव
बैठक में स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
रीना शर्मा ने बताया कि उन्होंने ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया है। उनके पार्लर में प्रतिदिन करीब 10 से 15 महिलाएं सेवाएं लेने आती हैं।
कलेक्टर ने बैंकर्स को ऐसे पात्र लाभार्थियों को सीड मनी ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं शिवानी शर्मा ने बताया कि आरसीटी से सिलाई का प्रशिक्षण लेने के बाद वह प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं।
भावना शर्मा ने कृषि उद्यमी एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण लेकर डेयरी व्यवसाय शुरू करने तथा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेने की जानकारी दी।
शिवराज सिंह सिंगोदड़ा ने डेयरी एवं गौपालन के लिए 3.37 लाख रुपये का ऋण लेकर स्वरोजगार शुरू करने का अनुभव साझा किया।
एफपीओ के जरिए प्याज संग्रहण की कार्ययोजना बनेगी
जिला कलेक्टर ने कृषि विभाग को एफपीओ के माध्यम से प्याज संग्रहण के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े पात्र लोगों को भी सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए।
नारी शक्ति उद्यमी योजना पर भी फोकस
अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनिल कुमार ने नारी शक्ति उद्यमी प्रोत्साहन योजना के लंबित ऋण आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सहकारी बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के साथ अन्य सरकारी योजनाओं में भी पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने और केसीसी की प्रगति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
बैंकों को रोडमैप रिपोर्ट देने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में बैंक अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें।
सभी बैंकों को अपनी रोडमैप रिपोर्ट एलडीएम को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सके।






