राजस्थान में 10 जुलाई से OBC परिवारों का डिजिटल सर्वे, घर-घर पहुंचेगी टीम
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 10 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण करेगा। यह सर्वे ‘राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप’ के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाएगा। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, जनसांख्यिकीय तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित अद्यतन आंकड़े एकत्र करना है।
आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि यह सर्वेक्षण माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा राज्य सरकार द्वारा आयोग को दिए गए संदर्भों के अनुपालन में कराया जा रहा है।
51 हजार से अधिक प्रगणक करेंगे घर-घर सर्वे
आयोग के अनुसार प्रदेशभर में लगभग 51,168 प्रगणक राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्धारित प्रारूप के अनुसार घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी तथा सर्वेक्षण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण आयोग स्तर पर किया जाएगा, ताकि आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
प्रशिक्षण पूरा, जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाई गई व्यवस्था
सर्वेक्षण को सफल बनाने के लिए आयोग ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की है। 7 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण भी पूरा कराया जा चुका है।
इसके अलावा सभी प्रगणकों को प्रशासनिक व्यवस्था और राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) को जिला समन्वयक अधिकारी बनाया गया है।
आयोग ने OBC परिवारों से सहयोग की अपील की
आयोग ने प्रदेश के सभी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दल को सही, पूर्ण और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से भी सर्वे को सफल बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया गया है।
आयोग का कहना है कि इस सर्वे से प्राप्त तथ्यात्मक आंकड़े स्थानीय निकायों में ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत अनुशंसाएं तैयार करने का आधार बनेंगे।






