शहरी सेवा शिविर में 7 पट्टे स्वीकृत, यूआईटी को मिला 7.86 लाख का राजस्व

सीकर में राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 के तहत नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने आमजन के विभिन्न लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करते हुए कई मामलों में मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की। शिविर के दौरान पट्टा, भवन मानचित्र और नाम हस्तांतरण से जुड़े मामलों का नियमानुसार निपटारा किया गया।

यूआईटी सचिव जे.पी. गौड़ ने बताया कि 22 जून 2026 को आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

पट्टा प्रकरणों में 7 आवेदन हुए स्वीकृत

शिविर के दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं से जुड़े पट्टा प्रकरणों के कुल 15 आवेदन प्राप्त हुए। जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इनमें से 7 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन स्वीकृत पट्टों से यूआईटी को लगभग 7.48 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो शिविर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

भवन मानचित्र और नाम हस्तांतरण के मामलों का भी निस्तारण

यूआईटी को भवन मानचित्र स्वीकृति का एक आवेदन प्राप्त हुआ, जिसे नियमानुसार स्वीकृत कर दिया गया। इससे 0.34 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

वहीं नाम हस्तांतरण से संबंधित तीन आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से दो प्रकरण स्वीकृत किए गए। इनसे 0.04 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ।

पारदर्शी सेवाओं पर यूआईटी का फोकस

यूआईटी सचिव जे.पी. गौड़ ने कहा कि नगर विकास न्यास आमजन को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और राजस्व संग्रहण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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