सीकर, पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही जिले में निर्वाचन संबंधी गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आशीष मोदी ने चुनाव को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने तथा कानून व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध
आदेश के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र और अन्य प्रतिबंधित या घातक हथियार रखना, उनका प्रदर्शन करना अथवा साथ लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा।
हालांकि सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड और मतदान दलों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को इससे छूट रहेगी।
सिख समुदाय के लोगों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी। शस्त्र अनुज्ञापत्र के नवीनीकरण के लिए निरीक्षण अथवा थाने में जमा कराने के लिए शस्त्र ले जाने पर भी प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
दिव्यांग और बीमार व्यक्ति लाठी या बैसाखी का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वे सदस्य जो प्रतियोगिता की तैयारी अथवा प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं, उन्हें भी आदेश से छूट रहेगी।
जिले की सीमा में हथियार लाने पर भी रोक
जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति सीकर जिले की सीमा में प्रतिबंधित हथियार अपने साथ नहीं ला सकेगा। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे हथियारों का प्रयोग या प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा।
बिना अनुमति जुलूस और सभा पर रोक
संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना किसी सार्वजनिक स्थल पर जुलूस, सभा, धरना या भाषण आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
इसी तरह पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। अनुमति मिलने पर ध्वनि प्रसारण यंत्र का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक किया जा सकेगा।
हालांकि बारात और शवयात्रा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
भड़काऊ प्रचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध
आदेश के तहत सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले या उत्तेजनात्मक नारे, भाषण और उद्बोधन प्रतिबंधित रहेंगे।
ऐसे पंपलेट, पोस्टर और अन्य चुनाव सामग्री का प्रकाशन, वितरण और प्रचार-प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार करने पर भी रोक रहेगी।
सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार नहीं
सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर किसी के समर्थन या विरोध में नारा-लेखन, चित्रांकन, पोस्टर और होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध रहेगा।
सार्वजनिक संपत्तियों का विरूपण भी प्रतिबंधित रहेगा। वहीं निजी संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग संपत्ति मालिक की लिखित पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर रोक
आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन करने, अन्य लोगों को मदिरा सेवन करवाने या इसके लिए दुष्प्रेरित करने पर प्रतिबंध रहेगा।
अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई व्यक्ति निजी उपयोग के अतिरिक्त अन्य प्रयोजन के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा लेकर आवागमन नहीं कर सकेगा। सूखा दिवस पर मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों पर भी नियम
चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों से यातायात बाधित करने पर प्रतिबंध रहेगा। उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर या अन्य धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
मतदान और मतगणना केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल पर रोक
मतदान दिवस पर मतदान केंद्र तथा मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र से 200 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, सेल फोन और वायरलेस का उपयोग अथवा उन्हें लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा।
चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा आदेश
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में आदेश की व्यक्तिशः पालना कराया जाना संभव नहीं होने के कारण एकपक्षीय आदेश जारी किया गया है।
आदेश की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्थानों, उपखंड कार्यालयों, तहसील कार्यालयों, पंचायत समिति कार्यालयों और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आदेश चस्पा करने तथा समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
निषेधाज्ञा 3 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से तत्काल प्रभाव से लागू होकर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






