सीकर, आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा।
अभियान का संदेश ‘सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं’ रखा गया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के तहत अलग-अलग दिनों में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थानों की भागीदारी रहेगी।
स्कूलों में होंगी ‘ईट राइट’ गतिविधियां
3 और 5 अक्टूबर को ‘स्कूल ईट राइट डे’ के तहत विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक नाश्ता, श्रीअन्न, हाथ धोने के सही तरीके और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने की जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में पोस्टर, स्लोगन और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ‘मास्टर/मिस ईट राइट’ स्टूडेंट एम्बेसडर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
मोबाइल लैब से मिलावट की पहचान
6 और 7 अक्टूबर को ‘मिलावट को पहचानो-मिलावट को हराओ’ अभियान चलेगा। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के आसान तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
आमजन द्वारा लाए गए खाद्य नमूनों की मौके पर जांच कर खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हेल्दी थाली में कम नमक, चीनी और तेल का संदेश
8 और 9 अक्टूबर को ‘हेल्दी राजस्थान-हेल्दी थाली डे’ आयोजित होगा। इसमें स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के साथ कम नमक, कम चीनी और कम तेल के इस्तेमाल का संदेश दिया जाएगा।
लोगों को फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और श्रीअन्न को संतुलित थाली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले पढ़ें लेबल
11 और 12 अक्टूबर को ‘रीड द लेबल-ईट राइट, ईट सेफ’ गतिविधियां आयोजित होंगी।
इस दौरान लोगों को पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर, निर्माण व पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न देखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
ये गतिविधियां मॉल, प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर भी होंगी।
कॉलेज और अस्पतालों में ‘ईट राइट कैम्पस’
13 और 14 अक्टूबर को ‘ईट राइट कैम्पस डे’ के तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इनमें कैंटीन की स्वच्छता, फूड हैंडलर्स का प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल, हेल्दी एवं मिलेट मेन्यू और भोजन की बर्बादी रोकने पर जोर रहेगा।
भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश
15 और 16 अक्टूबर को ‘फूड वेस्ट-सेव फूड डे’ के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, हॉस्टल, मैरिज गार्डन, कैटरिंग प्रतिष्ठानों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को जागरूक किया जाएगा।
इस दौरान ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश दिया जाएगा। भोजन साझा करने, जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने और खाद्य अपशिष्ट को अलग रखने के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए दिलाई जाएगी शपथ
अभियान के दौरान आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले लेबल पढ़ने, नमक-तेल-चीनी का कम उपयोग करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन श्रीअन्न का सेवन करने और रोजाना कम से कम 30 मिनट योग या व्यायाम करने का संकल्प शामिल रहेगा।
इसके साथ ही भोजन को व्यर्थ नहीं करने का संदेश भी दिया जाएगा।






