सीकर में स्कूली बच्चों की नेत्र जांच, जरूरतमंदों को मिलेंगे चश्मे
राज्य सरकार के निर्देश पर सीकर के विद्यालयों में बच्चों की आंखों की प्रारंभिक जांच की जा रही है। दृष्टिदोष वाले बच्चों की विजन एक्यूटी जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार चश्मे उपलब्ध करवाए जाएंगे। शिक्षकों और अभिभावकों से कार्यक्रम में सहयोग की अपील की गई है।
स्कूलों में स्नेलन चार्ट से होगी आंखों की जांच
सीकर में राज्य सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों की आंखों की जांच की जा रही है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल के मार्गदर्शन में शिक्षक स्नेलन चार्ट की मदद से बच्चों की आंखों की प्रारंभिक जांच कर रहे हैं। इस दौरान दृष्टिदोष वाले बच्चों की पहचान कर उनका आई असेसमेंट किया जा रहा है।
दृष्टिदोष वाले बच्चों की होगी विजन एक्यूटी जांच
असेसमेंट के बाद बच्चों की विजन एक्यूटी की जांच करवाई जाएगी। इसके लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थापित नेत्र सहायक की ओर से आवश्यक जांच कर चश्मे के नंबर निर्धारित किए जाएंगे।
संदर्भ व्यक्ति सुरेश कुमार भास्कर ने बताया कि अल्प दृष्टिदोष वाले बच्चों को चिन्हित करने के बाद कक्षा अध्यापक और अभिभावक उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाकर विजन एक्यूटी जांच करवाएंगे।
इसके बाद पीईईओ की ओर से बच्चों की समेकित सूची तैयार कर सीबीईओ कार्यालय में जमा करवाई जाएगी।
जरूरत के अनुसार बच्चों को मिलेंगे चश्मे
राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुसार जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिन्हित बच्चों को राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिबाधित नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आवश्यकता आधारित चश्मे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इससे स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चों को लाभ मिलेगा, जिन्हें दृष्टिदोष के कारण पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों और अभिभावकों से सहयोग की अपील
सीबीईओ कमलेश तेतरवाल ने शिक्षकों और अभिभावकों से कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि समय पर नेत्र जांच और आवश्यक चश्मा मिलने से बच्चों की पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में सुधार हो सकता है। इसलिए शिक्षक और अभिभावक चिन्हित बच्चों की विजन एक्यूटी जांच करवाकर उन्हें योजना का लाभ दिलाने में सहयोग करें।






