प्रदेशभर में चल रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सीकर में कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने भ्रामक लेबलिंग के आरोप में ‘न्यू स्टिंग एनर्जी’ की 1800 प्लास्टिक बोतलें और 1500 टीन कैन सीज कर उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर की गई।
निरीक्षण के दौरान मिली भ्रामक लेबलिंग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी फूल सिंह बाजिया, नंदराम मीणा और महमूद अली ने जय गुरुदेव आश्रम के पीछे स्थित श्री कृष्ण इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कैफीनेटेड बेवरेज की बोतलों और कैन पर “Stimulates Mind”, “Energy Drink” जैसे दावे लिखे मिले।
टीम ने मौके से 250 एमएल की 1800 प्लास्टिक बोतलें और 180 एमएल के 1500 टीन कैन सीज कर नमूने एकत्र किए।
एफएसएसएआई के नियमों का हवाला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एफएसएसएआई के दिशा-निर्देशों के तहत कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर “Energy Drink”, “Sports Drink”, “Stimulates Mind” या “Energizes Body” जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक प्रचार की श्रेणी में माना जाता है। इसी संबंध में हाल ही में प्रमुख पेय पदार्थ कंपनियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि अधिक कैफीन वाले ऐसे पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, जयपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






