सीकर। शहर के सिल्वर जुबली रोड स्थित तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में 26 जुलाई को हुई डकैती की कोशिश और फायरिंग के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। जिला पुलिस की करीब 15 टीमों ने घटनास्थल से हरियाणा तक करीब 4000 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर पुलिस ने वारदात में बिहार की गैंग के शामिल होने की जानकारी मिलने का दावा किया।
पुलिस ने इस मामले में बिहार गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मेरठ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक क्रेटा कार और तीन अपाचे मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त की गई हैं।
26 जुलाई को हथियारबंद बदमाशों ने किया था डकैती का प्रयास
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे तीन मोटरसाइकिलों पर सवार छह हथियारबंद बदमाश सिल्वर जुबली रोड स्थित तनिष्क शोरूम पहुंचे थे।
आरोप है कि बदमाशों ने शोरूम में फायरिंग की और सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान शोरूम का सायरन बज गया, जिसके बाद बदमाश बाहर निकले और तीनों मोटरसाइकिलों पर दो-दो सवार होकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद कोतवाली थाना सीकर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
4000 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद अलग-अलग टीमों ने शोरूम तक आने-जाने वाले रास्तों और वारदात से पहले की गई रैकी से जुड़े CCTV फुटेज खंगाले।
घटनास्थल से हरियाणा तक आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर करीब 4000 CCTV कैमरों की फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया। पुलिस ने आपराधिक सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बिहार की गैंग से जुड़े होने का पता चलने की बात कही है।
पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी हरियाणा के कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और अंबाला क्षेत्र में फरारी काट रहे थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने इन इलाकों में तलाश शुरू की।
मेरठ में क्रेटा कार से पकड़े गए तीन आरोपी
पुलिस के अनुसार, तनिष्क शोरूम के CCTV फुटेज से मिले हुलिए और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर टीम मेरठ पहुंची। वहां क्रेटा कार में बैठे तीन संदिग्धों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ और अनुसंधान के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- बिट्टू कुमार उर्फ अजीत आनंद (28) — निवासी बैरिया, थाना कुढ़वा चैनपुर, जिला मोतिहारी, बिहार।
- राहुल कुमार उर्फ चोना (26) — निवासी शकरपुरा, थाना बखरी, जिला बेगूसराय, बिहार।
- संजीव कुमार (30) — निवासी दरगाही टोला, थाना पंडारक, जिला पटना, बिहार।
के रूप में हुई है।
तीन अपाचे और क्रेटा कार जब्त
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल तीनों अपाचे मोटरसाइकिलों और क्रेटा कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
जांच में सामने आया कि तीनों मोटरसाइकिल अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई थीं। वारदात के बाद आरोपियों ने तीनों बाइक को कैथल बस डिपो, करनाल रेलवे स्टेशन के पास और कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ा कर दिया था और वहां से फरार हो गए थे।
पुलिस ने इन तीनों स्थानों से अपाचे मोटरसाइकिलें बरामद कर जब्त कर ली हैं। क्रेटा कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
सीकर में नाकाम कोशिश के बाद कैथल के तनिष्क की रैकी का दावा
पुलिस के अनुसार, सीकर के तनिष्क शोरूम में डकैती का प्रयास असफल होने के बाद आरोपी हरियाणा के कैथल स्थित तनिष्क शोरूम की भी रैकी कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि इसके लिए आरोपी कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र क्षेत्र में रुके हुए थे। जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गैंग की अन्य गतिविधियों और संभावित वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
बिहार से गैंग ऑपरेट करने वाले सरदार की तलाश
पुलिस के अनुसार, इस गैंग का मुखिया बिहार से गिरोह को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि गैंग के सदस्य कई राज्यों और कस्बों में गोल्ड शोरूम को निशाना बनाकर डकैती और लूट की वारदातों में शामिल रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में पुलिस ने बताया कि वे लूट, डकैती और हत्या जैसे गंभीर मामलों में चालानशुदा अथवा वांछित रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बिट्टू कुमार उर्फ अजीत आनंद नवादा, बिहार में लूट के एक मामले में 50 हजार रुपये का इनामी भी है।
कई टीमों के समन्वय से खुलासा
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह के पर्यवेक्षण में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था।
टीमों का नेतृत्व वृत्ताधिकारी दिलीप मीणा, राजेश ढाका, विजयपाल, कोतवाली थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़, खाटू सदर थानाधिकारी अमित नागौरा, जीणमाता थानाधिकारी राकेश मीणा और जिला स्पेशल टीम प्रभारी विरेन्द्र सिंह सहित अधिकारियों ने किया।
पुलिस के अनुसार, विभिन्न टीमों के बीच समन्वय, तकनीकी विश्लेषण, आपराधिक सूचना और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे का अनुसंधान जारी है।






