सुजानगढ़। राजकीय बागड़िया उपजिला हॉस्पिटल में हीमोफीलिया मरीजों को अब उपचार के लिए महंगे इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध हो रही है। अस्पताल में हर महीने करीब 20 से 25 हीमोफीलिया मरीज उपचार के लिए आते हैं।
इन मरीजों को भामाशाह योजना के तहत हीमोफीलिया के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। पहले अस्पताल में यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होता था, लेकिन अब इसकी उपलब्धता होने से मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिल रही है।
निजी अस्पतालों में एक खुराक की कीमत 20 से 25 हजार
अस्पताल के पीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम करवा ने बताया कि हीमोफीलिया एक वंशानुगत बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चों में हो सकती है। इस बीमारी में शरीर में खून का थक्का जमाने वाले प्रोटीन, जिन्हें क्लॉटिंग फैक्टर कहा जाता है, की कमी होती है।
उन्होंने बताया कि मामूली चोट लगने पर या कभी-कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के भी लंबे समय तक खून बहना, जोड़ों के अंदर रक्तस्राव के कारण दर्द और सूजन होना तथा शरीर पर नीले निशान पड़ना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं।
ऐसे मरीजों के उपचार में एंटीहीमोफिलिक फैक्टर इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है। डॉ. करवा के अनुसार ये इंजेक्शन काफी महंगे होते हैं और निजी अस्पतालों में एक खुराक की कीमत करीब 20 से 25 हजार रुपये तक हो सकती है।
सरकारी अस्पताल की सुविधा से गरीब परिवारों को राहत
बागड़िया हॉस्पिटल में यह सुविधा उपलब्ध होने से आमजन और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार में मदद मिल रही है। महंगे इंजेक्शन के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होने से मरीजों के परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है।
इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था मेडिकल वार्ड द्वितीय के प्रभारी संतोष खिलेरी और मनोज सेवदा संभाल रहे हैं।
क्या है हीमोफीलिया?
हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर में खून का थक्का सामान्य तरीके से बनने में समस्या होती है। इसके कारण चोट लगने या सर्जरी के बाद रक्तस्राव सामान्य से अधिक समय तक जारी रह सकता है।
क्लॉटिंग फैक्टर की कमी: रक्त में मौजूद क्लॉटिंग फैक्टर नामक प्रोटीन खून का थक्का बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हीमोफीलिया में इनकी कमी के कारण रक्तस्राव रोकने में परेशानी हो सकती है।
लंबे समय तक रक्तस्राव: मामूली चोट या कट लगने के बाद भी लंबे समय तक खून बहना इसका प्रमुख लक्षण हो सकता है।
जोड़ों में रक्तस्राव: गंभीर मामलों में बिना स्पष्ट चोट के भी जोड़ों या मांसपेशियों के अंदर रक्तस्राव हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है।






