मुंबई (अनिल बेदाग)। भक्ति और आधुनिक तकनीक के संगम से तैयार ‘भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप’ का मुंबई में भव्य शुभारंभ किया गया। पद्मश्री सम्मानित प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने ऐप लॉन्च करने के साथ इसके लोगो का भी अनावरण किया।
इस मौके पर अनूप जलोटा ने ‘भक्तिद्वार’ को केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि आध्यात्म और शांति से जुड़ने का माध्यम बताया।
तनाव के बीच भक्ति को बताया सुकून का रास्ता
ऐप लॉन्च के दौरान अनूप जलोटा ने कहा कि वह स्वयं ‘भक्तिद्वार’ से जुड़ चुके हैं। उन्होंने इसे भक्ति, आनंद और शांति का द्वार बताया।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग तनाव और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में भगवान का स्मरण और भजन मन को सच्ची शांति दे सकता है।
अनूप जलोटा ने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी भी भक्ति संगीत और आध्यात्मिक कंटेंट को पसंद कर रही है। उनके अनुसार, तनाव की स्थिति में भक्ति व्यक्ति को सुकून देने का माध्यम बन सकती है।
अनूप जलोटा बने ‘भक्तिद्वार’ के सारथी
‘भक्तिद्वार’ के लॉन्च के साथ अनूप जलोटा इसके प्रमुख चेहरे के तौर पर सामने आए हैं। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जुड़ाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है।
भक्ति संगीत और धार्मिक कंटेंट के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय अनूप जलोटा की मौजूदगी से इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है।
करीब एक दशक की मेहनत के बाद तैयार हुआ प्लेटफॉर्म
‘भक्तिद्वार’ के संस्थापक दिनेश असोपा ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म को तैयार करने में करीब एक दशक की मेहनत लगी है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ एक और ओटीटी प्लेटफॉर्म तैयार करना नहीं था, बल्कि ऐसा मंच बनाना था जहां भक्ति, आध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ी सामग्री एक जगह उपलब्ध हो सके।
ऐप पर क्या-क्या मिलेगा?
‘भक्तिद्वार’ पर आध्यात्मिक और धार्मिक कंटेंट की कई श्रेणियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें
- धार्मिक सीरीज
- भजन और भक्ति संगीत
- मंत्र और चालीसा
- प्रवचन
- एआई आधारित वीडियो
- एनिमेशन कंटेंट
- धार्मिक आयोजनों का लाइव प्रसारण
शामिल हैं।
इस तरह प्लेटफॉर्म पर पारंपरिक धार्मिक सामग्री के साथ आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है।
₹11 प्रति सप्ताह रखा गया सब्सक्रिप्शन
‘भक्तिद्वार’ का सब्सक्रिप्शन 11 रुपये प्रति सप्ताह रखा गया है। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भक्ति और आध्यात्मिक सामग्री को डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाना है।
संस्थापक दिनेश असोपा के अनुसार, ‘भक्तिद्वार’ के जरिए भक्ति और सनातन संस्कृति से जुड़ी सामग्री को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
एक नजर में
- प्लेटफॉर्म: भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप
- शुभारंभ: मुंबई
- लॉन्च: अनूप जलोटा
- संस्थापक: दिनेश असोपा
- कंटेंट: भजन, मंत्र, चालीसा, प्रवचन, धार्मिक सीरीज
- खास फीचर: एआई वीडियो, एनिमेशन और लाइव धार्मिक आयोजन
- सब्सक्रिप्शन: ₹11 प्रति सप्ताह






