मथुरा क्षेत्र की छाता चीनी मिल, जो लंबे समय से बंद पड़ी है, अब एक नई औद्योगिक परियोजना का केंद्र बनने जा रही है। मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में मिल परिसर में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
इस प्लांट की खासियत यह होगी कि यह ड्यूल मोड तकनीक पर आधारित होगा। इसमें कच्चे माल के रूप में मक्का, धान और गन्ने तीनों का इस्तेमाल कर एथेनॉल तैयार किया जा सकेगा।
प्रस्तावित संयंत्र की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 3.96 करोड़ लीटर एथेनॉल होगी।
120 किलोलीटर प्रतिदिन होगी न्यूनतम क्षमता
गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के अनुसार, छाता चीनी मिल का संचालन पिछले 19 साल से बंद है। अब राज्य चीनी निगम लिमिटेड के अधीन इस मिल में कंसेशन-कम-लीज व्यवस्था के माध्यम से एथेनॉल प्लांट स्थापित कराया जाएगा।
स्थापना के बाद प्लांट साल में करीब 11 महीने संचालित होगा। इसकी न्यूनतम उत्पादन क्षमता 120 किलोलीटर प्रतिदिन रखी गई है।
इस संयंत्र की स्थापना के लिए मिल की करीब 20 एकड़ भूमि का इस्तेमाल किया जाएगा और परियोजना में निजी निवेश किया जाएगा।
भुगतान न होने से बंद हुई थी मिल
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2002 से 2007 के बीच सपा सरकार के समय गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने के कारण छाता चीनी मिल बंद हो गई थी।
अब सरकार ने बंद पड़ी मिल की जमीन और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए यहां नई औद्योगिक गतिविधि शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
गन्ने की उपलब्धता बढ़ी तो फिर शुरू होगी चीनी मिल
प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के साथ भविष्य में चीनी मिल के दोबारा संचालन की भी संभावना जताई गई है।
मंत्री के मुताबिक, जैसे-जैसे क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता बढ़ेगी, चीनी मिल को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली उत्पादन के लिए को-जेनरेशन प्लांट लगाने की भी योजना है।
नोएडा एयरपोर्ट के करीब होने का मिलेगा फायदा
छाता चीनी मिल की लोकेशन को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मिल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और यहां से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट करीब 40 मिनट की दूरी पर बताया गया है।
मिल के पास कुल 96 एकड़ जमीन उपलब्ध है। ऐसे में भविष्य में यहां गोदाम और अन्य कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की संभावनाएं भी जताई गई हैं।
200 करोड़ रुपये की परियोजना, रोजगार के अवसर
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। एथेनॉल प्लांट के साथ अन्य संभावित गतिविधियों के विकसित होने से क्षेत्र में हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसी महीने इस परियोजना का शिलान्यास किए जाने की संभावना है।
बंद पड़ी चीनी मिल में एथेनॉल उत्पादन शुरू होने से क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






