लखनऊ। मनुस्मृति को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखा पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने युवाओं के एक कार्यक्रम में मनुस्मृति का हवाला देते हुए महिलाओं की स्थिति से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मनुस्मृति को मानना है या नहीं, यह व्यक्ति का विषय हो सकता है, लेकिन गलत तथ्यों के आधार पर बात नहीं की जानी चाहिए।
‘मनुस्मृति की अच्छाइयों और बुराइयों पर बहस करिए’
सीएम योगी ने कहा कि यदि राहुल गांधी मनुस्मृति को नहीं मानते हैं तो उन्हें ऐसा करने की स्वतंत्रता है, लेकिन उन्हें इसके अच्छे और बुरे दोनों पक्षों पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनुस्मृति का उल्लेख विभिन्न प्राचीन ग्रंथों में मिलता है और सवाल उठाया कि आखिर इसे अपमानित करने की कोशिश क्यों की जाती है।
योगी ने राहुल गांधी पर बेटियों को भड़काने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भारत की अपनी परंपरा रही है और उसके बारे में लोगों को सही तथ्यों से अवगत कराया जाना चाहिए।
‘भारत की काल गणना मनु ने दी’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मनु की काल गणना का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में समय की गणना को बेहद विस्तार से समझाया गया है। इसके तहत निमेष, काष्ठा, कला, मुहूर्त और अहोरात्र जैसी इकाइयों का उल्लेख किया गया है।
योगी के अनुसार 30 मुहूर्त मिलकर एक अहोरात्र, पक्षों से माह, छह माह से आयन और दो आयनों से वर्ष की गणना की जाती है।
मकर संक्रांति और भीष्म पितामह का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति और उत्तरायण का उल्लेख करते हुए महाभारत के भीष्म पितामह का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में उत्तरायण का विशेष महत्व रहा है और मान्यता के अनुसार भीष्म पितामह ने उत्तरायण आने के बाद प्राण त्यागे थे।
मुख्यमंत्री ने इसे भारतीय काल गणना और धार्मिक परंपरा से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
महायुग, मन्वंतर और कल्प का भी जिक्र
योगी ने आगे कहा कि भारतीय परंपरा में महायुग, मन्वंतर और कल्प जैसी बड़ी काल इकाइयों की भी गणना की गई है।
उन्होंने दावा किया कि यह काल गणना मनु से जुड़ी हुई है और आज भी सनातन परंपरा में पर्व-त्योहारों के आयोजन में इसका प्रभाव दिखाई देता है।
राम की विरासत को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
सीएम योगी ने अपने संबोधन में राम और सनातन परंपरा का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं के बयानों और आचरण को देश और दुनिया ने देखा है।
योगी ने कहा कि भारतीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं को लेकर बहस तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि गलत जानकारी के आधार पर।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी और योगी आदित्यनाथ के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय परंपरा, संविधान और सामाजिक व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
योगी ने जहां मनुस्मृति और भारतीय काल गणना का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा, वहीं राहुल गांधी की ओर से मनुस्मृति के सामाजिक प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।






