झुंझुनू में सांसद की दिशा की बैठक, उधर खुद के गांव में ही ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
झुंझुनूं जिले के अरड़ावता गांव, जो सांसद बृजेंद्र ओला का पैतृक गांव है, वहां गुरुवार सुबह पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों ग्रामीणों ने चिड़ावा-सुलताना मार्ग को तीन-चार स्थानों पर अवरुद्ध कर धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान महिलाओं ने सड़क पर मटके फोड़कर जलदाय विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।ग्रामीणों का कहना था कि पिछले करीब 15 दिनों से गांव में पेयजल संकट बना हुआ है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नवनियुक्त चिड़ावा तहसीलदार नारायण राम दैया ने पुलिस और जलदाय विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा।
इस दौरान जलदाय विभाग की एईएन सविता चौधरी के पहुंचने पर महिलाओं ने उनका घेराव कर अपनी नाराजगी जाहिर की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग ने समय रहते समाधान नहीं किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने सांसद बृजेंद्र ओला के प्रति भी अपनी नाराजगी व्यक्त की।प्रदर्शन के चलते आरपीएससी की सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे कई अभ्यर्थी भी जाम में फंस गए।
प्रदर्शनकारियों ने किसी भी वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान जब कुछ लोगों ने सड़क से पत्थर हटाने का प्रयास किया तो मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चिड़ावा थाने के एसआई कैलाशचंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नारायण राम दैया स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं एईएन सविता चौधरी ने शुक्रवार तक पेयजल समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने करीब चार घंटे बाद जाम समाप्त कर दिया। इस दौरान तहसीलदार नारायण राम दैया ने स्वयं सड़क पर पड़े पत्थर हटाने शुरू किए। उनके इस कदम के बाद गांव के युवाओं ने भी आगे आकर सड़क साफ करवाई। प्रशासन के इस प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की। चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट






