एक परिवार से 17 लाख रुपये लेने का आरोप
BITS पिलानी में दाखिला दिलाने का झांसा देकर दो अलग-अलग परिवारों से लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में आरोप है कि दाखिले का भरोसा देकर रकम ली गई और बाद में फर्जी दस्तावेज या ईमेल के जरिए प्रवेश होने की जानकारी दी गई।
शिकायत मिलने पर पिलानी पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।थानाधिकारी अलका बिश्नोई के अनुसार, इंदौर निवासी अमित गावशिंदे ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके बेटे प्रणव ने BITS की प्रवेश परीक्षा दी थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसी दौरान कबीर सिंह नामक व्यक्ति ने फोन पर संपर्क कर BITS पिलानी में दाखिला दिलाने की गारंटी देने का दावा किया।शिकायत के अनुसार, आरोपी ने दाखिले के लिए 17 लाख रुपये की मांग की। अमित गावशिंदे ने आरोपी के कहे अनुसार 2 लाख रुपये ऑनलाइन और 15 लाख रुपये नकद पिलानी में दिए।
रकम देने के बाद कबीर सिंह ने दाखिले से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाए। शिकायतकर्ता के परिवार ने जब इन दस्तावेजों को BITS के एडमिशन ऑफिस में दिखाया तो कथित तौर पर उन्हें दस्तावेज कुटरचित और फर्जी होने की जानकारी मिली।इसके बाद अमित गावशिंदे ने कबीर सिंह, तानिया और सुमित वर्मा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।दूसरे मामले में दिल्ली के रोहिणी निवासी नितिन मित्तल ने पुलिस को शिकायत दी है। आरोप है कि अखिलेश चौधरी नामक व्यक्ति ने उनके बेटे का BITS पिलानी में दाखिला कराने के लिए परिवार से संपर्क किया।शिकायत के मुताबिक, अखिलेश चौधरी ने खुद को एक कंसल्टेंसी फर्म से जुड़ा बताते हुए 7 लाख रुपये में BITS में प्रवेश दिलाने का प्रस्ताव दिया। सहमति बनने के बाद नितिन मित्तल ने आरोपी के बताए अनुसार रकम का भुगतान कर दिया।इसके बाद अखिलेश चौधरी और उसकी टीम की ओर से BITS की ईमेल के माध्यम से प्रवेश होने की जानकारी परिवार को दी गई।
जब परिवार अपने बेटे को BITS पिलानी में छोड़ने के लिए पहुंचा, तब उन्हें कथित तौर पर ठगी की जानकारी हुई।इसके बाद नितिन मित्तल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में अखिलेश चौधरी, प्रिया और देवकृष्ण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस दोनों मामलों में आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पैसों के लेनदेन, दस्तावेजों, ईमेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
थानाधिकारी अलका बिश्नोई ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस आरोपियों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ शिकायतों में सामने आए दस्तावेजों और लेनदेन की भी जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश के लिए अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट के दावों पर भरोसा करने से पहले संबंधित संस्थान से प्रवेश प्रक्रिया और दस्तावेजों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि करें। पिलानी से मनीष शर्मा की रिपोर्ट






