परिजनों ने उठाया सवाल, सड़क का गड्ढा बना जानलेवा
झुंझुनू जिले में चिड़ावा शहर के पिलानी चौराहे पर लंबे समय से परेशानी का कारण बने सड़क के गड्ढे के चलते एक दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में श्याम मंदिर के पास रहने वाली बबीता लाटा पत्नी यागवेंद्र लाटा की मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।जानकारी के अनुसार बबीता लाटा अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ टैक्सी में कहीं जा रही थीं। इसी दौरान पिलानी चौराहे के पास सड़क पर बने गड्ढे में टैक्सी का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद टैक्सी पलट गई और बबीता उसके नीचे दब गईं।
हादसे में उनकी मौके पर ही मौत होने की जानकारी सामने आई है।घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार और परिचितों में भी शोक की लहर दौड़ गई। बबीता लाटा तीन बच्चों की मां थीं।स्थानीय लोगों के अनुसार पिलानी चौराहे पर बना यह गड्ढा पिछले कई दिनों से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था।
लोगों का कहना है कि गड्ढे के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए लगातार हादसे का खतरा बना हुआ था। समाचारों की सुर्खियां बनने के बाद प्रशासन की ओर से गड्ढे में मिट्टी डलवाकर उसे अस्थायी रूप से भरने का प्रयास किया गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं की गई और केवल मिट्टी डालकर समस्या को कुछ समय के लिए टाल दिया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पिलानी चौराहे की सड़क व्यवस्था और समय पर मरम्मत नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक मार्ग पर लंबे समय तक गड्ढा बने रहने से वाहन चालकों की सुरक्षा प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों ने शहर की सड़कों पर बने गड्ढों का सर्वे करवाकर उनकी स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का समय रहते समाधान होने से भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है। हादसे ने सड़क सुरक्षा और समय पर सड़क मरम्मत की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट






