जीजा ने रची थी मौत की साजिश, बहुचर्चित विक्रम हत्याकांड में 5 को उम्रकैद
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा के बहुचर्चित विक्रम हत्याकांड में अपर सेशन न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
गुरुवार दोपहर फैसला सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया।अपर लोक अभियोजक मनोज बजाज के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर यह निर्णय सुनाया।अभियोजन के अनुसार, 15 मई 2018 को हमीरी निवासी अनिता देवी ने विक्रम पुत्र विद्याधर से प्रेम विवाह किया था।
इसी विवाह से नाराज अनिता के जीजा जोगेंद्र, निवासी भोलू की ढाणी (तन ओजटू), ने विक्रम की हत्या की साजिश रची।इस कथित षड्यंत्र में जोगेंद्र ने अपने पिता इंद्राज, मां महेन्द्री देवी, पत्नी रचना देवी तथा भांजों जलेसिंह और रामसिंह को भी शामिल किया।अभियोजन के मुताबिक, 10 सितंबर 2019 को आरोपियों ने चिड़ावा कॉलेज ग्राउंड से विक्रम का अपहरण किया। इसके बाद उसे अपने खेत में ले जाकर बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में मृतक के पिता एवं सेवानिवृत्त आरएसी जवान विद्याधर ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद अदालत ने जोगेंद्र, महेन्द्री देवी, रचना देवी, जलेसिंह और रामसिंह को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं, प्रकरण में नामजद अंकित कस्वां पुत्र सत्यपाल, निवासी नंदरामपुरा (मंड्रेला) को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मामले के एक अन्य आरोपी इंद्राज की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी। चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट






