18.90 लाख की साइबर ठगी का आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
चूरू साइबर थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में कम कीमत पर शेयर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी के मामले में एक आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि रामबास, राजगढ़ निवासी कमल कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और शेयर बाजार में कम कीमत पर शेयर दिलाने का झांसा दिया।
इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 18 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।मामले की जांच डीएसपी विजय कुमार मीणा के निर्देशन और पुलिस निरीक्षक कमल कुमार के नेतृत्व में की गई।
पुलिस टीम ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के आधार पर दक्षेष कुमार पुत्र नथु भाई पटेल, उम्र 50 वर्ष, निवासी उमटा, थाना विसनगर, जिला मेहसाणा, गुजरात को चिन्हित किया गया।इसके बाद टीम ने आरोपी को आणंद जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। कोर्ट से अनुमति के बाद आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी ने पैसों के लालच में अपने, परिजनों और दोस्तों के बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने इन खातों में अलग-अलग जगहों से कुल 43 लाख रुपए की ठगी की रकम मंगवाई थी। इनमें से 18.90 लाख रुपए चूरू के परिवादी कमल कुमार से ठगी गई रकम थी।पुलिस के अनुसार, खाते में रकम आने के बाद उसे तुरंत निकाल लिया गया।
जांच में पुलिस को आरोपी के एक ऐसे नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है, जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अहमदाबाद, सूरत और आणंद के साइबर थानों में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने विदेश में बैठे साथियों के साथ मिलकर देशभर में करीब 760 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने की बात बताई है। इस दावे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।इस मामले में दो आरोपियों को पूर्व में गुजरात से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर रही है।पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि कितने बैंक खाते उपलब्ध कराए गए और ठगी की रकम किन-किन खातों के जरिए ट्रांसफर या निकाली गई।आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में पुलिस निरीक्षक कमल कुमार, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल सुनील कुमार और वीरेंद्र कुमार शामिल रहे। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों और नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।






