वकीलों की माने तो लगभग आधा दर्जन लोग आए डॉग बाइट की चपेट में
झुंझुनूं जिले के प्रशासनिक और न्यायिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र कलेक्ट्रेट-कचहरी परिसर में गुरुवार को आवारा कुत्ते के आतंक से हड़कंप मच गया।
आरोप है कि आवारा कुत्ते ने वकीलों, पुलिसकर्मियों और कोर्ट परिसर में काम कर रहे मजदूरों को अपना शिकार बनाया। झुंझुनूं बार के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय ओला ने बताया कि कोर्ट परिसर में डॉग बाइट की गंभीर घटना हुई है। उनके अनुसार आवारा कुत्ते ने परिसर में सामने आने वाले कई लोगों को काट लिया। करीब आधा दर्जन लोगों के डॉग बाइट की चपेट में आने की बात सामने आई है।
जिसमे एक एडवोकट गंभीर घायल हुए है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विजय ओला के मुताबिक आवारा कुत्ता जिस दिशा से गुजरता गया, उसके सामने आने वाले लोगों पर हमला करता गया।इस दौरान वकीलों और पुलिसकर्मियों के साथ-साथ परिसर में काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आए।घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों ने झुंझुनूं नगर परिषद को जानकारी दी। सूचना मिलने पर नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
बताया गया कि घटना के बाद कुत्ते ने कोर्ट परिसर में ही दम तोड़ दिया। नगर परिषद की टीम ने उसके शव को वहां से हटाकर मोड़ा पहाड़ के पास दफना दिया।घटना के बाद शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बार के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय ओला ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी समय-समय पर इस मामले को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है लेकिन आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या को लेकर प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। कलेक्ट्रेट-कचहरी परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, वकील, पुलिसकर्मी और आम लोग पहुंचते हैं।
ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले परिसर में डॉग बाइट की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विजय ओला ने कहा कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।स्थानीय स्तर पर लगातार सामने आ रही आवारा पशुओं और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर प्रभावी रोकथाम की मांग उठ रही है।
घटना ने एक बार फिर नगर परिषद और प्रशासन के सामने आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की चुनौती खड़ी कर दी है। बता दे कि डॉग बाइट की घटना में कितने लोग शिकार बने इसकी पुष्टि प्रशासन द्वारा सामने नहीं आई है। मोके पर उपस्थित लोगो के द्वारा ही यह जानकारी सामने आई है लेकिन जिले के प्रशासन की धुरी वाले स्थल से ऐसी घटना ने बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।






