हजारों के हुजुम ने दी झुंझुनू के लाल को अंतिम विदाई
झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के घरडू गांव निवासी भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच (27) को शुक्रवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुंबई में ड्यूटी पर जाते समय तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से घायल हुए कुलदीप का 9 जुलाई को इलाज के दौरान निधन हो गया। संयोग यह रहा कि 10 जुलाई, जो उनका जन्मदिन था, उसी दिन उनका अंतिम संस्कार भी हुआ।
शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे सूरजगढ़ थाने से उनके पैतृक गांव तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। रास्ते भर स्कूली बच्चों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तिरंगे में लिपटे जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
आंधी में पेड़ गिरने से हुआ था हादसा
कुलदीप दिवाच मुंबई में भारतीय नौसेना में तैनात थे। 6 जुलाई की सुबह वह स्कूटी से ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान तेज अंधड़ में एक पेड़ उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में तीन दिन तक उपचार के बाद 9 जुलाई को उन्होंने अंतिम सांस ली।
गुरुवार को भारतीय नौसेना की टीम लेफ्टिनेंट कमांडर रजत तोमर के नेतृत्व में उनकी पार्थिव देह विशेष वाहन से दिल्ली होते हुए सूरजगढ़ लेकर पहुंची।
18 माह की बेटी के सामने नम हो गईं हजारों आंखें
जब जवान की पार्थिव देह घर पहुंची तो पूरा गांव गमगीन हो गया। मां, पत्नी और बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। 18 माह की मासूम बेटी को भी पिता के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। पत्नी बार-बार उन्हें पुकारती रही और बेटी का हवाला देकर वापस लौट आने की गुहार लगाती रही। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई
गांव से श्मशान घाट तक नेवी बैंड के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। श्मशान घाट पर भारतीय नौसेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर करीब एक बजे बड़े भाई प्रदीप ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला, पूर्व सांसद संतोष अहलावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश कुमार जांगिड़, डीएसपी विकास धींधवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
जन्मदिन, चयन और अंतिम विदाई… एक ही तारीख
विधायक श्रवण कुमार ने बताया कि 10 जुलाई कुलदीप का जन्मदिन था। और संयोगवश इसी तारीख को उनका अंतिम संस्कार भी हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र को कुलदीप की सेवा और बलिदान पर गर्व है।
कुलदीप दिवाच का जन्म 10 जुलाई 1999 को हुआ था। उन्होंने 10 अगस्त 2018 में भारतीय नौसेना जॉइन की थी और लीडिंग एयर ऑर्डनेंस मैकेनिक (LAOM) के पद पर आईएनएस शिकरा से संबद्ध एविएशन यूनिट में सेवाएं दे रहे थे। वह अपने पीछे मां सुभीता देवी, पत्नी, 18 माह की बेटी और भारतीय वायुसेना में कार्यरत बड़े भाई प्रदीप को छोड़ गए हैं।






