पहले भी अधूरी रह गई थी परिक्रमा, इस बार भी नहीं हुआ संकल्प पूरा
मालखेत बाबा की 24 कोसीय परिक्रमा के दौरान नीमड़ी की घाटी में एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान धर्मा पारीक पत्नी स्वर्गीय सत्यनारायण पारीक, निवासी भड़ौंदा कलां, बगड़ क्षेत्र के रूप में हुई है।
बताया गया कि धर्मा पारीक परिक्रमा कर रही थीं। नीमड़ी की घाटी से नीचे उतरने के बाद वे कुछ देर आराम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत अत्यधिक खराब हो गई, जिससे साथ चल रही महिलाओं में अफरातफरी मच गई।साथ चल रही दो महिलाओं ने धर्मा पारीक को संभालने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले ही उनकी सांसें बंद हो गईं।
मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की।प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।बताया गया कि धर्मा पारीक इससे पहले भी एक बार 24 कोसी परिक्रमा में शामिल हुई थीं।
उस दौरान तबीयत खराब होने के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा था।इस बार उन्होंने अधूरी रह गई परिक्रमा को पूरा करने का संकल्प लेकर दोबारा यात्रा शुरू की थी, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था नीमड़ी घाटी में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने से परिक्रमा अधूरी रह गई।
घटना की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस नीमड़ी की घाटी पहुंची। महिला को रघुनाथगढ़ ले जाया गया। वहां साथ चल रही महिलाओं ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद निजी साधनों के जरिए शव को घर भेज दिया गया। उदयपुरवाटी से कैलाश बबेरवाल की रिपोर्ट






