पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जताई गहरी चिंता
उदयपुरवाटी, प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोहार्गल स्थित बाबा बरखंडी धाम के महंत सूरज दास महाराज का शव मिलने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।मंगलवार को बड़ी संख्या में साधु-संत और ग्रामीण लोहार्गल पहुंचे। संतों के आह्वान पर लोहार्गल बाजार बंद रखा गया।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-सीकर स्टेट हाईवे स्थित गोल्याणा सर्किल पर चक्काजाम कर विरोध जताया। संतों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों का पता लगाया जाए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। करीब 80 वर्षीय महंत सूरज दास 26 सितंबर से लापता थे। उनके शिष्य शंकर दयाल गुर्जर ने गोठड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
इसके बाद गोठड़ा पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने लोहार्गल की पहाड़ियों में सघन तलाशी अभियान चलाया।तलाशी के दौरान सोमवार को बरखंडी धाम से नीचे पहाड़ी की तलहटी में घनी झाड़ियों के बीच महंत का शव मिला था।बताया गया कि महंत सूरज दास का शव बरखंडी धाम से करीब 300 फीट नीचे घनी झाड़ियों में फंसा मिला।दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण शव को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। मंगलवार को प्रशासन की ओर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद शव को पहाड़ी की तलहटी से बाहर निकाला।
मौत के वास्तविक कारणों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।महंत की मौत को लेकर प्रदर्शन कर रहे साधु-संतों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाए और यदि हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए। संत सूरज दास मूल रूप से सिंगोद, तहसील गोविंदगढ़, जिला जयपुर के निवासी बताए गए हैं। उनके पिता का नाम भूराराम जाट था। बताया गया कि महंत पिछले करीब 32 वर्षों से लोहार्गल और आसपास के मंदिरों में पूजा-अर्चना और सेवा कार्य कर रहे थे। वे बरखंडी बाबा मंदिर में नियमित पूजा-पाठ करते थे।महंत की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन भी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा भी गोल्याणा सर्किल पहुंचे।उन्होंने धरना स्थल पर साधु-संतों के साथ बैठकर घटना पर चिंता जताई और प्रशासन से मामले का जल्द खुलासा करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।चक्काजाम और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।गोल्याणा सर्किल पर बड़ी संख्या में साधु-संतों और ग्रामीणों के जुटने से हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। संतों और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखेंगे।






