हादसों की रोकथाम और हादसे के बाद मैनजमेंट में झुंझुनू प्रशासन फ़ैल
झुंझुनूं के उदयपुरवाटी क्षेत्र में खोह स्थित मनसा माता मंदिर गेट के पास सोमवार को श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पिकअप में करीब 40 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें से एक की मौत और 32 के घायल होने की जानकारी सामने आई है।हादसे के बाद घायलों को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पौंख पहुंचाया गया, जहां करीब 20 घायलों के उपचार की जानकारी है।
गंभीर घायलों को नीमकाथाना और झुंझुनूं रेफर किया गया है।बताया जा रहा है कि श्रद्धालु खेतड़ी क्षेत्र के बिलवा गांव के रहने वाले थे। सावन के सोमवार को श्रद्धालु मनसा माता मंदिर में दर्शन और कदम्ब कुंड में स्नान के लिए पहुंचे थे।दर्शन और स्नान के बाद लौटते समय मंदिर गेट के पास पिकअप अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे दीवार से जा टकराई।
टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।हादसे के बाद घायलों को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पौंख ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 20 घायलों का पौंख अस्पताल में उपचार जारी है। वहीं गंभीर घायलों को नीमकाथाना और झुंझुनूं रेफर किया गया। नीमकाथाना से दो गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मृतक और घायलों की संख्या को लेकर फिलहाल स्थानीय स्तर पर जानकारी सामने आई है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए अंतिम आंकड़े प्रशासनिक या चिकित्सा पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होंगे।श्रावण मास के सोमवार को मनसा माता मंदिर, मंडावरा और छापौली कुंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर मार्ग और गेट के आसपास श्रद्धालुओं के साथ वाहनों की आवाजाही भी काफी बढ़ जाती है।
हादसे के बाद मंदिर मार्ग की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अवसरों पर मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात व्यवस्था की जरूरत होती है।सामाजिक कार्यकर्ता ब्रह्मदत्त मीणा गुड़ा ने कहा कि श्रावण मास में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन को मंदिर मार्ग और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने मंदिर गेट और आसपास पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, यातायात को व्यवस्थित करने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की। मीणा ने कहा कि हादसे की पूरी जानकारी लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए श्रद्धालुओं से भी मंदिर मार्ग पर सावधानी बरतने की अपील की।
हादसे के बाद पौंख में आक्रोशित ग्रामीणों के धरने पर बैठने की जानकारी भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनसा माता की पहाड़ी क्षेत्र में पूर्व में भी बड़ा हादसा हो चुका है। ऐसे में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा और हादसे के बाद राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि, हादसे में एक मौत और 32 घायलों की जानकारी फिलहाल स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि होने के बाद मृतक और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है। बता दे कि कुछ साल पहले भी मनसा माता की पहाड़ी पर बड़ा हादसा सामने आ चूका है लेकिन झुंझुनू प्रशासन व्यवस्थाओ और हादसे के बाद के मैनजमेंट में फ़ैल ही प्रतीत हो रहा है जबकि समय समय पर मॉक ड्रिल कर अपनी पीठ जरूर थपथपा लेता है। ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू






