‘मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन’, उदयपुरवाटी SDM को सौंपा CM के नाम ज्ञापन
उदयपुरवाटी कस्बे में गुरुवार को आशा सहयोगिनी एकता मंच के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन की अध्यक्ष सुशीला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी सुमन सोनल के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से की कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने राज्य सरकार से मांग की कि उन्हें ‘राजस्थान सिविल सर्विसेज (कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स) रूल्स, 2022’ के दायरे में शामिल किया जाए तथा वर्षों से सेवाएं दे रही आशा सहयोगिनियों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
इसके अलावा बढ़ती महंगाई को देखते हुए ₹26,000 न्यूनतम मासिक वेतन, सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख की एकमुश्त राशि, ₹12,000 मासिक पेंशन, ANM भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, समय पर मानदेय भुगतान और केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही सौंपे जाने की मांग की गई।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया तो राज्यभर की आशा सहयोगिनियां लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगी। साथ ही कहा गया कि आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी से मांगों को गंभीरता से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया।
बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां रहीं मौजूद
इस दौरान सुमन योगी, राजबाला, संगीता कंवर, विजेता कंवर, मंजू सैनी, मीनू सैनी, मीना सैनी, अन्नु सेन, अजिता, गोधी देवी, इन्द्रा देवी, काजल, अनिता सैनी, मोहरी, शकुन्तला कुँवर, सजना देवी, सुमित्रा सैनी, सुमिता सैनी, बनारसी सैनी, दुर्गा कंवर, सुमन कंवर, कमला सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं।
क्या कहा संगठन की अध्यक्ष ने
आशा सहयोगिनी एकता मंच की अध्यक्ष सुशीला ने कहा कि आशा सहयोगिनियां वर्षों से गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं, लेकिन उन्हें अब भी अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन अनशन करेगा।






