राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इसके बाद 8 से 10 सितंबर के बीच प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
7 सितंबर को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 7 सितंबर को भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों के अलावा टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर में भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने के आसार हैं।
चूरू-सीकर समेत इन जिलों में बूंदाबांदी संभव
शेखावाटी और आसपास के जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, बीकानेर और नागौर में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
खंडार में 104 मिमी बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश हुई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 104 मिलीमीटर यानी करीब 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इससे पहले भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिला।
कमजोर हुआ लो प्रेशर सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना लो प्रेशर एरिया अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है।
इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव क्षेत्र के केंद्र, सीधी, रांची और बांकुरा होते हुए त्रिपुरा तक फैली हुई है।
देश के 15 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अभी भी सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है।
उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान की आशंका है।
8 से 10 सितंबर तक राजस्थान में मौसम का हाल
मानसून सिस्टम के कमजोर होने के साथ राजस्थान में व्यापक बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
8 से 10 सितंबर के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। हालांकि कुछ स्थानीय क्षेत्रों में बादल बनने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रह सकती है।






