नई दिल्ली/जयपुर। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय होने के साथ 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है।
आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।
राजस्थान में आज से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई से राजस्थान में मानसून दोबारा सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाओं के मजबूत होने और मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति में लौटने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
आईएमडी का अनुमान है कि 23 से 27 जुलाई के बीच राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 21 से 26 जुलाई के दौरान प्रदेश में वर्षा का दौर जारी रहेगा।
पूर्वी राजस्थान में 20 से 25 जुलाई तथा पश्चिमी राजस्थान में 20 से 24 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालौर, सिरोही, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
सीकर-झुंझुनूं समेत कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी
आईएमडी ने अलवर, झुंझुनूं, सीकर, टोंक, अजमेर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, पाली और बूंदी सहित कई जिलों में 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं पूर्वी राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मछुआरों के लिए भी जारी हुई चेतावनी
आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और समुद्र की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।






