भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
राजस्थान में अभी जारी रहेगा बारिश का असर
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिम राजस्थान की ओर खिसक गया है और अगले 24 घंटे में इसके कमजोर होने की संभावना है। हालांकि, इसके प्रभाव से रविवार तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर से मणिपुर तक सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बिहार तक एक ट्रफ भी बनी हुई है, जिससे प्रदेश में नमी और वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने सिरोही, जालौर और पाली जिलों में भारी से अति भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सलूंबर, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और फलोदी में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी राजस्थान में तेज बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर और पश्चिमी नागौर में रविवार तक बारिश की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं।
इसके अलावा धोरीमन्ना, चौहटन, शिव, गडरा रोड, पोकरण, शेरगढ़, ओसियां, फलोदी, कोलायत, खींवसर, कुचेरा, मेड़ता, डेगाना और मूंडवा क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
किसानों और आमजन को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवा और भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने, जलभराव और फसलों को नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।






