नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 2 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक से जुड़ी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
IMD के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 2 से 8 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में 3 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान में शामिल है।
दक्षिण भारत में भी जारी रहेगी बारिश
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
- केरल और माहे: 2 से 6 अक्टूबर तक अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना।
- तटीय कर्नाटक: 3 से 6 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश संभव।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 2 से 8 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान।
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 3 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 5 और 6 अक्टूबर को भी कई स्थानों पर बारिश की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
IMD की 2 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 3 अक्टूबर को मुख्यतः आसमान साफ रहने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई थी।
वहीं, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए भी अगले 24 घंटे के दौरान परिस्थितियां अनुकूल बताई गई थीं।
लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
बारिश और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए।






