देश में मानसून के बीच मौसम विभाग ने 18 अगस्त को यूपी, बिहार, राजस्थान समेत 19 राज्यों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात का खतरा बताया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए किसानों समेत खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
18 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, केरल और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने वाले तेज झोंके भी देखने को मिल सकते हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत के राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में अगले 2-3 दिन बारिश कमजोर रहने के आसार
राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। आईएमडी और मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है।
इस सिस्टम के अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। वहीं, मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकने के कारण राजस्थान में अगले 2 से 3 दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी रहने का अनुमान है।
हालांकि प्रदेश में बारिश पूरी तरह थमने की संभावना नहीं है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में बारिश संभव
स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून कमजोर रहने और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
राजस्थान के मध्य हिस्सों में करीब 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से स्थानीय स्तर पर बादल बनने और छिटपुट बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
राहत की बात यह है कि 18 अगस्त को राजस्थान के किसी भी जिले के लिए व्यापक भारी या अतिभारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
मानसून ट्रफ की स्थिति से राजस्थान में घटेगी बारिश
आईएमडी के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर और मुंगेर होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के केंद्र तक फैली है। इसके बाद ट्रफ पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
ट्रफ के राजस्थान से उत्तर की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना फिलहाल कम है। हालांकि स्थानीय सिस्टम के प्रभाव से कुछ इलाकों में अचानक बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
किसानों और मछुआरों को विशेष सावधानी की सलाह
तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को खुले खेतों में मौसम खराब होने के दौरान काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।
वहीं, समुद्री इलाकों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को भी सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों, कमजोर ढांचों और बिजली के तारों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।






